आकिब नबी का भारतीय टेस्ट टीम में चयन: सुनील कुमार बोले — 'मेहनत का सच्चा इनाम मिला'
सारांश
मुख्य बातें
आकिब नबी को 3 अगस्त 2026 को भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया, जब जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए। 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस सीरीज में नबी के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का ऐतिहासिक अवसर होगा — वे जम्मू-कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले क्रिकेटर बन गए हैं।
घरेलू क्रिकेट में असाधारण प्रदर्शन
आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में कुल 104 विकेट अपने नाम किए हैं। इस सीजन में उन्होंने अकेले 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी चैंपियन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। घरेलू क्रिकेट में उनके निरंतर और प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण लंबे समय से उनके राष्ट्रीय चयन की माँग उठ रही थी।
गौरतलब है कि परवेज रसूल और उमरान मलिक के व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद, नबी इस केंद्र शासित प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में शामिल होने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं — और टेस्ट प्रारूप में पहले।
साथी गेंदबाज सुनील कुमार की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर की ओर से नबी के साथ नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुनील कुमार ने व्हाट्सएप ग्रुप पर यह खबर सुनते ही खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, 'मैं उनके लिए बहुत खुश हूं क्योंकि वे बहुत ही सादगी पसंद इंसान हैं। वे बहुत मेहनती हैं।'
सुनील ने आगे कहा, 'आज उनकी मेहनत का फल उन्हें मिला है, जिसके वे सच में हकदार हैं। जब वे श्रीलंका में इंडिया 'ए' टीम के साथ थे, तब मेरी उनसे बात हुई थी। वह एक आम बातचीत थी और अभी तो बस बधाई वगैरह ही दी है।'
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक मोड़
सुनील कुमार नबी के चयन को जम्मू-कश्मीर के युवा क्रिकेटरों के लिए एक अहम मील का पत्थर मानते हैं। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब राज्य का कोई खिलाड़ी टेस्ट टीम में पहुंचा है। हमारी टीम जिस तरह से खेल रही थी, खासकर पिछले 2 वर्षों में, हम अक्सर बात करते थे कि नेशनल टेस्ट टीम में जगह बनाने की बाधा को कौन तोड़ेगा और इस मामले में जिस व्यक्ति का नाम सबसे पहले आता था, वह आकिब नबी का था। अब हम सब देख सकते हैं कि उन्होंने यह हासिल कर लिया है। इससे यहां हर किसी का हौसला बढ़ेगा क्योंकि अब वह दरवाजा खुल गया है जो लंबे समय से बंद था।'
कोच मुजफ्फर मट्टू की यादें और उम्मीदें
बीसीसीआई क्वालिफाइड कोच और 2025-26 सीजन में विजय मर्चेंट ट्रॉफी प्लेट ग्रुप जीतने वाली अंडर-16 टीम के हेड कोच मुजफ्फर मट्टू ने आकिब के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, 'यह 2010 की बात है जब मैंने उन्हें चुना था, उस समय वह अपने घर के आंगन में खेलते थे। वह मेरे क्लब के लिए खेलते थे। हम उनके घर के आंगन में गए, उन्हें देखा और वहीं से चुनकर अपने क्लब में ले आए।'
मट्टू ने कहा, 'विजय मर्चेंट ट्रॉफी जीतने के बाद, हमने रणजी ट्रॉफी जीती और अब आकिब का चयन भारतीय टेस्ट टीम में हुआ है। जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट का दौर अच्छा चल रहा है।' उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि नबी श्रीलंका में भी वैसा ही फॉर्म जारी रखेंगे जैसा उन्होंने रणजी ट्रॉफी में दिखाया।
नबी की सबसे बड़ी ताकत: मानसिक दृढ़ता
सुनील कुमार के अनुसार, नबी की मानसिक मजबूती ही उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार बनाती है। उन्होंने कहा, 'आकिब नबी अच्छा करेंगे। इसमें कोई शक नहीं है क्योंकि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत हैं। उन्हें पता है कि हालात कैसे भी हों या स्थिति कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। वह जानते हैं कि बल्लेबाजों को आउट करने के लिए उन्हें सही जगह पर अच्छी गेंदबाजी करनी होगी।'
टीम इंडिया से जुड़ने से पहले सुनील कुमार ने नबी को यही सलाह दी: 'मैं उनसे यही कहूंगा कि वह वही करते रहें जो वह अब तक करते आए हैं। कुछ नया करने की जरूरत नहीं है, और हमें पता है कि वह ऐसा ही करेंगे।' यह चयन जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत है, और आने वाले समय में इस क्षेत्र से और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के उभरने की उम्मीद बलवती हो गई है।