बिकाजी फूड्स के संस्थापक शिव रतन अग्रवाल का 74 वर्ष की आयु में निधन, CM भजन लाल ने जताया शोक
सारांश
Key Takeaways
- शिव रतन अग्रवाल का 23 अप्रैल 2025 को चेन्नई में हार्ट अटैक से 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
- वे बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संस्थापक, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे।
- वे पत्नी की हार्ट बायपास सर्जरी के बाद उनकी देखभाल के लिए चेन्नई में थे, जब सुबह 7:30 बजे तबीयत बिगड़ी।
- बिकाजी ब्रांड की स्थापना 1993 में हुई, जो बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है।
- CM भजन लाल शर्मा और पूर्व CM अशोक गहलोत सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
- बिकाजी फूड्स के उत्पाद आज 50 से अधिक देशों में निर्यात होते हैं और कंपनी BSE व NSE पर सूचीबद्ध है।
जयपुर, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। देश की जानी-मानी स्नैक्स कंपनी बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार, 23 अप्रैल 2025 को चेन्नई में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीकानेर की भुजिया को वैश्विक पहचान दिलाने वाले इस उद्यमी के जाने से भारतीय खाद्य उद्योग को अपूरणीय क्षति हुई है।
चेन्नई में पत्नी के इलाज के दौरान हुआ दुखद हादसा
शिव रतन अग्रवाल अपनी पत्नी के उपचार के सिलसिले में परिवार सहित चेन्नई गए हुए थे। उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी।
पत्नी की रिकवरी के दौरान पूरा परिवार चेन्नई के एक होटल में ठहरा हुआ था। गुरुवार सुबह लगभग 7:30 बजे अग्रवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई।
स्थिति गंभीर होते देख परिवार ने उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपस्थित चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर पूरे उद्योग जगत में शोक की लहर बन गई।
राजस्थान के मुख्यमंत्री और पूर्व CM की भावभीनी श्रद्धांजलि
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अग्रवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बीकानेर के प्रख्यात उद्यमी और बीकाजी ग्रुप के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान मिले और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान हो।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि देश के प्रख्यात उद्योगपति और बिकाजी के प्रमुख शिव रतन अग्रवाल का अचानक निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि बीकानेर की भुजिया को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले अग्रवाल का जाना एक अपूरणीय क्षति है।
बीकानेर से बिकाजी तक — एक उद्यमी की प्रेरणादायक यात्रा
शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेर की गलियों से अपने व्यापारिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने एक साधारण भुजिया व्यवसाय को देश की अग्रणी पैकेज्ड स्नैक्स कंपनियों में शुमार कर दिया।
कंपनी की नींव 'शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स' नाम से रखी गई थी, जो उनके पुत्र दीपक अग्रवाल के नाम पर आधारित थी। हल्दीराम परिवार के साथ व्यावसायिक विभाजन के बाद अग्रवाल ने स्वतंत्र रूप से बीकानेर में भुजिया निर्माण का कार्य आरंभ किया, जो कालांतर में एक विशाल उद्योग बन गया।
सन् 1993 में कंपनी का नाम बदलकर 'बिकाजी' रखा गया। यह नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है। इस नामकरण ने ब्रांड को क्षेत्रीय गौरव के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एक अलग पहचान दिलाई।
बिकाजी की वैश्विक उपस्थिति और उद्योग जगत पर प्रभाव
आज बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल भारत की सबसे बड़ी पैकेज्ड स्नैक्स कंपनियों में से एक है, जिसके उत्पाद दुनियाभर के 50 से अधिक देशों में निर्यात होते हैं। कंपनी BSE और NSE दोनों प्रमुख शेयर बाजारों में सूचीबद्ध है।
अग्रवाल की दूरदर्शिता और परिश्रम ने न केवल एक ब्रांड बनाया, बल्कि राजस्थान के हजारों लोगों को रोजगार भी दिया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने भुजिया, नमकीन, पापड़ और मिठाइयों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की।
उनके निधन के बाद बिकाजी फूड्स का भविष्य और कंपनी के नेतृत्व को लेकर उद्योग जगत की नजरें अब अग्रवाल परिवार और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में कंपनी की रणनीति और नेतृत्व परिवर्तन पर महत्वपूर्ण निर्णय अपेक्षित हैं।