6 अगस्त 2026
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क्या बीजद ने बरहामपुर हत्याकांड और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर ओडिशा सरकार पर निशाना साधा?

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क्या बीजद ने बरहामपुर हत्याकांड और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर ओडिशा सरकार पर निशाना साधा?

सारांश

बीजद ने ओडिशा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कानून-व्यवस्था के बिगड़ने और हालिया हत्याओं का जिक्र है। क्या यह सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है।
बीजद ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया है।
हाल की हिंसक घटनाएं चिंताजनक हैं।
सुरक्षा बलों की जांच में विफलता।
राज्य में शांति और सद्भाव की आवश्यकता।

भुवनेश्वर, 7 अक्‍टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) ने सोमवार को भाजपा नीत ओडिशा सरकार पर तीखा हमला करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था के पूर्ण रूप से ध्वस्त होने का आरोप लगाया। वरिष्ठ बीजद नेता भृगु बक्सीपात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में ब्रह्मपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता पीताबास पांडा की नृशंस हत्या को बिगड़ती शासन व्यवस्था और बढ़ते अपराध का उदाहरण बताया।

बक्सीपात्रा ने कहा, "एक वरिष्ठ वकील की बेरहामपुर स्थित उनके घर के बाहर की गई निर्मम हत्या एक गंभीर मामला है। वह राज्य बार काउंसिल के सदस्य और भाजपा नेता भी थे। बीजू जनता दल इस गंभीर घटना की कड़ी निंदा करता है।"

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से ओडिशा की कानून-व्यवस्था "पूरी तरह से चरमरा गई है।" बक्सीपात्रा ने कहा, "पिछले 15 महीनों में गंजम जिले में 128 हत्याएं हो चुकी हैं। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ 24 घंटों में तीन हत्याएं हुईं।"

उन्होंने कहा, "वही पुलिस बल जिसने कभी नवीन पटनायक के कार्यकाल में अपराध पर नियंत्रण रखा था, अब एक भी मामले की ठीक से जांच करने में विफल रहा है।"

बक्सीपात्रा ने हाल की कई हिंसक घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें राउरकेला में डबल मर्डर, पुरी के कनास इलाके में एक सरकारी बस में यात्रियों पर जानलेवा हमला और कटक में सांप्रदायिक हिंसा शामिल हैं। उन्होंने कहा, "ओडिशा में पहले कभी हिंदू-मुस्लिम दंगे नहीं हुए थे। भाईचारे के शहर के रूप में जाना जाने वाला कटक, पिछले तीन दिनों से सांप्रदायिक तनाव के कारण कर्फ्यू में है।"

वरिष्ठ बीजद नेता ने गंजम से शुरू हुए सब-इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक कांड का हवाला देते हुए, वर्तमान सरकार के तहत कथित भ्रष्टाचार और अपराधीकरण पर भी प्रकाश डाला।

बक्सीपात्रा ने कहा, "भाजपा सरकार ओडिशा के लोगों की शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। मुख्यमंत्री, जिनके पास गृह विभाग भी है, को ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और नागरिकों के बीच सामान्य स्थिति और विश्वास बहाल करना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि नवीन पटनायक के 24 साल के शासन के दौरान बनी शांति और सद्भाव को वापस लाया जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि इस स्थिति में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से अधिक महत्वपूर्ण है कि हम कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यह समय है जब सभी पक्ष मिलकर एक सकारात्मक समाधान की दिशा में काम करें।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजद ने ओडिशा सरकार पर क्या आरोप लगाए?
बीजद ने आरोप लगाया है कि ओडिशा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और हालिया हत्याएं इस बात का प्रमाण हैं।
पीताबास पांडा की हत्या का क्या महत्व है?
पीताबास पांडा की हत्या को बिगड़ती शासन व्यवस्था और बढ़ते अपराध का एक उदाहरण माना जा रहा है।
ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है?
ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, जहां पिछले 15 महीनों में कई हत्याएं हुई हैं।
क्या भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है?
बीजद नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए?
सरकार को कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और नागरिकों के बीच विश्वास कायम करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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