क्या कांग्रेस के अंदर 'ब्रीफकेस मॉडल' गांधी परिवार के भ्रष्टाचार को उजागर करता है?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस के अंदर 'ब्रीफकेस मॉडल' के आरोपों का बढ़ता विवाद।
- भ्रष्टाचार के सवाल पर भाजपा का हमला।
- गांधी परिवार की जीवनशैली पर उठे सवाल।
- बाबासाहेब अंबेडकर के प्रति कांग्रेस का दृष्टिकोण।
नई दिल्ली, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब की पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू द्वारा पार्टी के उच्चाधिकारियों पर आरोप लगाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस के अंदर 'ब्रीफकेस मॉडल' राहुल गांधी और सोनिया गांधी के व्यक्तिगत भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
प्रदीप भंडारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि उनका मॉडल भ्रष्ट है। यह 'ब्रीफकेस' वाला मॉडल है। इस मॉडल के अंतर्गत, किसी व्यक्ति को प्रभाव और पक्षपात के आधार पर कांग्रेस पार्टी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जाता है।"
उन्होंने राहुल गांधी की जीवनशैली और विदेश यात्रा पर भी सवाल उठाए। प्रदीप भंडारी ने कहा, "राहुल गांधी और सोनिया गांधी 11 वर्षों से विपक्ष में हैं। राहुल गांधी 95 चुनाव हार चुके हैं। फिर भी उनकी इतनी शानदार जीवनशैली क्यों है? राहुल गांधी लगातार विदेशों की यात्रा पर क्यों जाते हैं? इनकी सभी चीजें 500 करोड़ रुपए'ब्रीफकेस मॉडल' से आती हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। अगर वे चुप रहते हैं तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि गांधी परिवार ब्रीफकेस और सूटकेस से व्यक्तिगत धन लेता है।
इसी बीच, प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने कभी भी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया।
उन्होंने कहा, "जवाहरलाल नेहरू ने सुनिश्चित किया कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर चुनाव हार जाएं। जिस व्यक्ति ने भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराया, उन नारायण काजरोलकर को कांग्रेस पार्टी ने पद्म अवॉर्ड दिया। कांग्रेस पार्टी ने 70 सालों तक संविधान दिवस नहीं मनाया, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि लोग भीमराव अंबेडकर को याद करें।"
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार और जवाहर लाल नेहरू, इन सभी ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर से घृणा की। यही कारण है कि चाहे वह किताबों में हो या राष्ट्रीय स्तर पर कोई कार्यक्रम, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पहचान को नजरअंदाज किया गया।
उदाहरण देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "आरक्षण के खिलाफ बोलने वाले पहले व्यक्ति राजीव गांधी थे। उन्होंने संसद में आरक्षण के खिलाफ लंबा भाषण दिया था। यह सभी बातें दिखाती हैं कि नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक, गांधी परिवार ने भीमराव अंबेडकर का अपमान किया। यह परिवार हमेशा बाबासाहेब से घृणा करता रहा है।"