कर्नाटक हाईकोर्ट ने भाजपा नेता हत्याकांड में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की अपील पर सीबीआई को नोटिस जारी किया
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल 2026 को कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की उम्रकैद सजा के खिलाफ अपील पर सीबीआई को नोटिस जारी किया।
- विशेष अदालत ने 17 अप्रैल को कुलकर्णी को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या (15 जून 2016, धारवाड़) में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
- बचाव पक्ष के अनुसार मामले के सभी सात गवाह मुकर चुके हैं; याचिका में फैसले पर तत्काल रोक की माँग की गई है।
- अभियोजन पक्ष ने 680 पन्नों के फैसले के अध्ययन के लिए चार सप्ताह का समय माँगा।
- व्हिसलब्लोअर बसवराज कोरावर ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कुलकर्णी को विधायक पद से अयोग्य घोषित करने की माँग की।
- कुलकर्णी फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं और कर्नाटक अर्बन वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के अध्यक्ष पद पर भी हैं।
कर्नाटक हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 28 अप्रैल 2026 को भाजपा नेता योगेश गौड़ा हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की अपील पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया। सीबीआई ने ही इस मामले की जांच कर चार्जशीट दाखिल की थी और विशेष अदालत ने 17 अप्रैल को कुलकर्णी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
खंडपीठ का निर्देश और सुनवाई का क्रम
न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज और न्यायमूर्ति वेंकटेश टी. नाइक की खंडपीठ ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह मामले से जुड़े सभी दस्तावेज निचली अदालत से मंगवाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूँकि यह अपील पहली बार सुनवाई के लिए आई है, इसलिए सीबीआई का पक्ष सुना जाना अनिवार्य है।
विनय कुलकर्णी के साथ-साथ आरोपी नंबर 16 चंद्रशेखर इंदी उर्फ चंदू मामा ने भी विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ अलग से अपील दायर की है।
बचाव पक्ष की दलीलें
कुलकर्णी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी.वी. नागेश ने दलील दी कि मामले के सभी सात गवाह मुकर चुके हैं। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि अदालत की छुट्टियाँ नज़दीक होने के कारण सुनवाई वेकेशन बेंच में कराई जाए। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए कहा कि याचिका वेकेशन बेंच के समक्ष दायर की जाए और याचिकाकर्ता की सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। याचिका में विशेष अदालत के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की माँग भी की गई है।
अभियोजन पक्ष की स्थिति
अभियोजन पक्ष ने अपील याचिका पर आपत्ति दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय माँगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, विशेष अदालत का फैसला 680 पन्नों का है, इसलिए विस्तृत अध्ययन के बाद ही जवाब दाखिल किया जा सकेगा।
व्हिसलब्लोअर की अयोग्यता की माँग
एक अन्य घटनाक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता और मामले के व्हिसलब्लोअर बसवराज कोरावर ने कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर विनय कुलकर्णी को विधायक पद से अयोग्य घोषित करने की माँग की है। कोरावर ने कहा कि 17 अप्रैल को दोषसिद्धि के बावजूद आदेश के दस दिन बाद भी अयोग्यता की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ शहर स्थित उनके जिम में हमलावरों के एक समूह ने हत्या कर दी थी। गौड़ा ने राजनीतिक रूप से कुलकर्णी को चुनौती दी थी, जिसके बाद यह मामला गंभीर हो गया था। कुलकर्णी को वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया गया था और 2021 में जमानत मिली थी। गवाहों को प्रभावित करने के आरोप के बाद सीबीआई की दलील पर अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया। दोषसिद्धि से पहले उन्हें दोबारा जमानत मिली थी और अब वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं। यह मामला भाजपा सरकार ने सीबीआई को सौंपा था और आरोप सामने आने के समय कुलकर्णी मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री थे। वर्तमान में वह कर्नाटक अर्बन वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
अब सभी की निगाहें वेकेशन बेंच की सुनवाई और सीबीआई के जवाब पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय करेंगे।