कानपुर में भाजपा नेता रमेश यादव के फार्महाउस में ₹50 लाख की डकैती, पदभार ग्रहण के कुछ घंटों बाद
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव रमेश यादव के फार्महाउस में 14 अक्टूबर 2026 की देर रात नकाबपोश बदमाशों ने ₹50 लाख की नकदी और कीमती सामान लूट लिया। महज दो दिन पहले लखनऊ में नई जिम्मेदारी संभालकर लौटे यादव को बदमाशों ने कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर पूरे फार्महाउस की तलाशी ली।
घटनाक्रम: कैसे हुई डकैती
रमेश यादव ने 12 अक्टूबर, सोमवार को लखनऊ में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश सचिव पद का कार्यभार ग्रहण किया था। उसी शाम वे कानपुर लौटे और सेन-पश्चिम पारा क्षेत्र स्थित अपने फार्महाउस पर रुके, जो शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है।
पुलिस को दिए बयान के अनुसार, देर रात कुछ अज्ञात व्यक्ति कथित तौर पर फार्महाउस में घुसे और यादव को काबू कर उनके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद बदमाशों ने घर की व्यापक तलाशी ली और लगभग ₹50 लाख नकद व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रात में ही मौके पर पहुँचे। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन टाडा और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने स्वयं फार्महाउस का मुआयना किया और जांच की निगरानी संभाली।
जांच अधिकारी फार्महाउस व आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं। अब तक चार सुरक्षा गार्ड, चार गनमैन और एक ड्राइवर सहित कुल 14 लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रमेश यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि
यादव को 1 अक्टूबर 2026 को भाजपा पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे तीन बार ब्लॉक प्रभारी रह चुके हैं और उनकी पत्नी शशि यादव भी इस पद पर रह चुकी हैं।
गौरतलब है कि यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बिठूर सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। बाद में वे भाजपा में शामिल हुए और उन्हें प्रदेश स्तर की संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई।
घटना की संवेदनशीलता
यह घटना इसलिए विशेष चर्चा में है क्योंकि पीड़ित सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी हैं और डकैती पद ग्रहण के महज कुछ घंटों के भीतर हुई। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।
आगे क्या
फिलहाल कथित लुटेरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आरोपियों की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए सघन प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।