14 अक्टूबर 2026
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कानपुर में भाजपा नेता रमेश यादव के फार्महाउस में ₹50 लाख की डकैती, पदभार ग्रहण के कुछ घंटों बाद

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कानपुर में भाजपा नेता रमेश यादव के फार्महाउस में ₹50 लाख की डकैती, पदभार ग्रहण के कुछ घंटों बाद

सारांश

पद संभालने की खुशी रात होते-होते लूट में बदल गई। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव रमेश यादव कानपुर से 15 किलोमीटर दूर अपने फार्महाउस लौटे ही थे कि नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें बांधकर ₹50 लाख लूट लिए। 14 लोगों से पूछताछ, सीसीटीवी खंगाली जा रही है।

मुख्य बातें

भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव के कानपुर स्थित फार्महाउस में 14 अक्टूबर 2026 की देर रात डकैती हुई।
नकाबपोश बदमाशों ने यादव को कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर ₹50 लाख नकद व कीमती सामान लूटा।
यादव ने महज 12 अक्टूबर को लखनऊ में नई जिम्मेदारी संभाली थी; उसी शाम वे कानपुर लौटे थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ.
विपिन टाडा और डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी मौके पर पहुँचे, जांच शुरू।
कुल 14 लोगों — 4 सुरक्षा गार्ड, 4 गनमैन, 1 ड्राइवर समेत — से पूछताछ जारी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है; अब तक आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी।

कानपुर में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव रमेश यादव के फार्महाउस में 14 अक्टूबर 2026 की देर रात नकाबपोश बदमाशों ने ₹50 लाख की नकदी और कीमती सामान लूट लिया। महज दो दिन पहले लखनऊ में नई जिम्मेदारी संभालकर लौटे यादव को बदमाशों ने कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर पूरे फार्महाउस की तलाशी ली।

घटनाक्रम: कैसे हुई डकैती

रमेश यादव ने 12 अक्टूबर, सोमवार को लखनऊ में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश सचिव पद का कार्यभार ग्रहण किया था। उसी शाम वे कानपुर लौटे और सेन-पश्चिम पारा क्षेत्र स्थित अपने फार्महाउस पर रुके, जो शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है।

पुलिस को दिए बयान के अनुसार, देर रात कुछ अज्ञात व्यक्ति कथित तौर पर फार्महाउस में घुसे और यादव को काबू कर उनके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद बदमाशों ने घर की व्यापक तलाशी ली और लगभग ₹50 लाख नकद व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।

पुलिस की तत्काल कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रात में ही मौके पर पहुँचे। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन टाडा और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने स्वयं फार्महाउस का मुआयना किया और जांच की निगरानी संभाली।

जांच अधिकारी फार्महाउस व आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं। अब तक चार सुरक्षा गार्ड, चार गनमैन और एक ड्राइवर सहित कुल 14 लोगों से पूछताछ की जा रही है।

रमेश यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि

यादव को 1 अक्टूबर 2026 को भाजपा पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे तीन बार ब्लॉक प्रभारी रह चुके हैं और उनकी पत्नी शशि यादव भी इस पद पर रह चुकी हैं।

गौरतलब है कि यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बिठूर सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। बाद में वे भाजपा में शामिल हुए और उन्हें प्रदेश स्तर की संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई।

घटना की संवेदनशीलता

यह घटना इसलिए विशेष चर्चा में है क्योंकि पीड़ित सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी हैं और डकैती पद ग्रहण के महज कुछ घंटों के भीतर हुई। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

आगे क्या

फिलहाल कथित लुटेरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आरोपियों की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए सघन प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या पुलिस निष्पक्षता से काम करती है। यह घटना उस व्यापक पैटर्न की भी याद दिलाती है जिसमें राजनीतिक गलियारों के नज़दीक रहने वाले लोग अक्सर बड़ी नकदी के साथ अपराध के निशाने पर आ जाते हैं।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानपुर में भाजपा नेता रमेश यादव के फार्महाउस में क्या हुआ?
14 अक्टूबर 2026 की देर रात नकाबपोश बदमाशों ने भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव के कानपुर स्थित फार्महाउस में घुसकर उन्हें हाथ-पैर बांध दिया और कथित तौर पर ₹50 लाख नकद व कीमती सामान लूटकर फरार हो गए।
रमेश यादव कौन हैं और भाजपा में उनकी क्या भूमिका है?
रमेश यादव को 1 अक्टूबर 2026 को भाजपा पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया था। वे पहले तीन बार ब्लॉक प्रभारी रह चुके हैं और 2022 में बिठूर सीट से बसपा प्रत्याशी रहे थे, बाद में भाजपा में शामिल हुए।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
घटना की सूचना मिलते ही संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन टाडा और डीसीपी (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी मौके पर पहुँचे। अब तक 4 सुरक्षा गार्ड, 4 गनमैन और 1 ड्राइवर समेत 14 लोगों से पूछताछ हो रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
डकैती का यह मामला संवेदनशील क्यों माना जा रहा है?
पीड़ित रमेश यादव सत्तारूढ़ भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारी हैं और यह घटना उनके पदभार ग्रहण के महज कुछ घंटों बाद हुई। इस कारण मामले पर राजनीतिक ध्यान अधिक है और पुलिस जांच पर विशेष नज़र रखी जा रही है।
क्या आरोपियों की पहचान हो सकी है?
अब तक कथित लुटेरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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