पश्चिम बंगाल चुनाव: 92.85% रिकॉर्ड मतदान ममता बनर्जी के प्रति 'गुस्से का नतीजा' — भाजपा सांसद

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पश्चिम बंगाल चुनाव: 92.85% रिकॉर्ड मतदान ममता बनर्जी के प्रति 'गुस्से का नतीजा' — भाजपा सांसद

सारांश

पश्चिम बंगाल में 92.85% के रिकॉर्ड मतदान को भाजपा सांसदों ने ममता बनर्जी के 15 साल के कुशासन, भ्रष्टाचार और महिला असुरक्षा के प्रति जनता के संचित गुस्से की अभिव्यक्ति बताया। 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि यह दावा कितना सही है।

Key Takeaways

29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण में 142 सीटों पर 92.47% मतदान दर्ज हुआ। दोनों चरणों का संयुक्त औसत मतदान 92.85% — पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक रिकॉर्ड। भाजपा सांसद राम कृपाल यादव ने इसे ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के प्रति जनता के 'गुस्से और हताशा' का नतीजा बताया। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भ्रष्टाचार, 'कट मनी', महिला असुरक्षा और मेडिकल कॉलेज यौन उत्पीड़न घटना का उल्लेख किया। अधिकांश एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त, लेकिन यादव ने कहा उन्हें इन अनुमानों पर भरोसा नहीं। चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित होंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 92.85% के रिकॉर्ड औसत मतदान को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने 30 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति जनता के 'गुस्से और हताशा' का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। दो चरणों में संपन्न इन चुनावों में 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर बुधवार आधी रात तक 92.47% मतदान दर्ज किया गया।

मतदान के आँकड़े और पृष्ठभूमि

दोनों चरणों का संयुक्त औसत मतदान प्रतिशत बढ़कर 92.85% के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गया। यह आँकड़ा पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में असाधारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य में 4 मई को मतगणना होनी है, और अधिकांश एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है।

भाजपा सांसदों के आरोप

भाजपा सांसद राम कृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा,

Point of View

लेकिन उच्च मतदान को स्वतः सत्ता-परिवर्तन का संकेत मानना राजनीतिक सरलीकरण है — बंगाल के चुनावी इतिहास में उच्च मतदान हमेशा विपक्ष के पक्ष में नहीं रहा। भाजपा सांसदों के आरोप एकतरफा हैं; तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, जो संतुलित तस्वीर के लिए ज़रूरी है। यह भी उल्लेखनीय है कि एग्जिट पोल्स पर स्वयं भाजपा सांसद को भरोसा नहीं — यह आत्मविश्वास और आशंका का विरोधाभासी मिश्रण दर्शाता है। 4 मई के नतीजे ही बताएँगे कि यह 'गुस्सा' मतपेटी में किसके पक्ष में गया।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में कुल मतदान प्रतिशत कितना रहा?
दोनों चरणों का संयुक्त औसत मतदान 92.85% रहा, जो राज्य के चुनावी इतिहास में एक रिकॉर्ड है। दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर 92.47% मतदान दर्ज किया गया।
भाजपा सांसदों ने उच्च मतदान को किसका नतीजा बताया?
भाजपा सांसद राम कृपाल यादव और जगदंबिका पाल ने रिकॉर्ड मतदान को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के कुशासन, भ्रष्टाचार और महिला असुरक्षा के प्रति जनता के 'गुस्से और हताशा' का परिणाम बताया।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे कब आएंगे?
चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित होंगे। अधिकांश एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है, हालाँकि भाजपा सांसद राम कृपाल यादव ने खुद कहा कि उन्हें एग्जिट पोल के अनुमानों पर भरोसा नहीं है।
भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर क्या-क्या आरोप लगाए?
भाजपा सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, 'कट मनी' (कमीशनखोरी), भाई-भतीजावाद, खराब कानून-व्यवस्था, महिला असुरक्षा और एक मेडिकल कॉलेज में यौन उत्पीड़न की घटना जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला आरक्षण बिल को लेकर भी जनता में असंतोष का उल्लेख किया गया।
क्या उच्च मतदान हमेशा सत्ता-परिवर्तन का संकेत होता है?
जरूरी नहीं। बंगाल के चुनावी इतिहास में उच्च मतदान हमेशा विपक्ष के पक्ष में नहीं रहा है। भाजपा नेता इसे सत्ता-परिवर्तन की लहर बता रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 4 मई को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
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