कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भाजपा महिला कार्यकर्ताओं से बदसलूकी का आरोप, बांसुरी स्वराज ने संजीव सिंह पर लगाया इल्ज़ाम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार, 14 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि सोमवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के पदाधिकारियों ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ धक्का मुक्की और अभद्र व्यवहार किया। बांसुरी स्वराज के अनुसार, घटना के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्य मीडिया समन्वयक संजीव सिंह मौके पर पहुँचे और महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
भाजपा महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अकोइजाम को संरक्षण दे रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'JNU की 11 बेटियाँ न्याय की हकदार बेटियाँ' के नारे लगाए।
बांसुरी स्वराज के गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता में बांसुरी स्वराज ने कहा, संजीव सिंह ने बार बार महिला कार्यकर्ताओं को धक्का दिया, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अनुचित आचरण किया।" उन्होंने कांग्रेस के एक अन्य प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी का भी उल्लेख किया और कहा कि ये घटनाएँ कांग्रेस के दोहरे मापदंड उजागर करती हैं।
बांसुरी स्वराज ने कहा, "कांग्रेस के शीर्ष नेता 'स्मैश द पैट्रियार्की' जैसे खोखले नारे लगाते हैं, लेकिन कभी महिला पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट होती है तो कभी महिला पत्रकारों पर हमला किया जाता है।" उन्होंने पार्टी पर सिद्धांत और व्यवहार में अंतर का आरोप लगाते हुए इसे दिखावटी नारेबाज़ी करार दिया।
JNU मामले में कांग्रेस पर चुप्पी का आरोप
बांसुरी स्वराज ने बताया कि JNU की आंतरिक समिति ने अकोइजाम को यौन दुराचार का दोषी पाया था, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने उनकी सेवाएँ समाप्त कर दी थीं। इसके बावजूद, उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।
राष्ट्रपति से मुलाकात
इसी क्रम में, भाजपा की कुछ महिला सांसदों ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर इस पूरे मामले की जानकारी दी। उनका कहना था कि सांसद अकोइजाम पर लगे गंभीर आरोपों के चलते उनका पद पर बने रहना उचित नहीं है। गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब मामला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील होता जा रहा है।
आगे क्या होगा
अब तक कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। JNU यौन उत्पीड़न मामले और प्रदर्शन के दौरान कथित बदसलूकी की घटनाएँ मिलकर एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप लेती नज़र आ रही हैं। भाजपा महिला मोर्चा के इस अभियान के आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।