JNU यौन उत्पीड़न केस: BJP महिला सांसदों ने बिमोल अकोइजम पर साधा निशाना, राहुल-प्रियंका की चुप्पी पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर JNU यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग दोहराई। इससे पहले इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से भी मुलाकात की थी। BJP ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व पीड़ित छात्राओं के पक्ष में बोलने से बच रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम पर 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जाँच में उन्हें दोषी पाए जाने के बाद 9 अक्टूबर को उन्हें JNU से बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में BJP की महिला सांसदों ने अब राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है।
BJP सांसदों के तीखे बोल
नई दिल्ली से BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'नवरात्रि चल रही है और हम सबको पता है कि कन्या पूजन का क्या महत्व होता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस का हाथ सदैव महिलाओं के शोषणकर्ताओं के ऊपर ही रहता है।' उन्होंने आगे कहा कि आंतरिक जाँच में सच्चाई की पुष्टि होने के बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आवाज इस मुद्दे पर 'बंद हो गई है'।
स्वराज ने आरोप लगाया कि 'कांग्रेस का नारीवाद हैशटैग तक सीमित रहता है, जवाबदेही की दहलीज पर आकर उसकी बलि चढ़ जाती है।' उन्होंने यह भी बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के साथ हुई बैठक 'बहुत ही सार्थक' रही।
महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की माँग
BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि जेएनयू में हुई यह घटना 'भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य की परंपरा को कलंकित करने वाली' है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़ित छात्राओं के पक्ष में एक शब्द भी नहीं बोला।
रूप कुमारी चौधरी ने यह भी कहा कि पीड़िताओं ने 'बड़ी हिम्मत के साथ' शिकायत दर्ज कराई और उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता है। उन्होंने माँग की कि पीड़ित छात्राओं को न्याय, सम्मान और सुरक्षा मिले। BJP महिला मोर्चा की ओर से इस मुद्दे पर सड़क पर आंदोलन भी किया गया है।
राजनीतिक तनातनी का संदर्भ
यह मामला ऐसे समय में और तीखा हो गया है जब देश में नवरात्रि का पर्व चल रहा है। BJP ने नवरात्रि के धार्मिक-सांस्कृतिक संदर्भ को जोड़ते हुए कांग्रेस पर महिला सुरक्षा के प्रति 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि बिमोल अकोइजम मणिपुर से निर्वाचित सांसद हैं, जो पहले से ही राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है।
कांग्रेस की ओर से अब तक इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रिपोर्टों के अनुसार, मामला संसदीय स्तर पर भी उठाए जाने की संभावना है।
आगे क्या हो सकता है
BJP महिला सांसदों की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात और सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह मामला संसद के आगामी सत्र में भी गूँज सकता है। पीड़िताओं की सुरक्षा और न्याय की माँग को लेकर BJP के आंदोलन जारी रहने के संकेत हैं। बिमोल अकोइजम की बर्खास्तगी के बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी अपेक्षित मानी जा रही है।