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जेएनयू यौन उत्पीड़न मामला: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को दिल्ली पुलिस का समन, गुरुवार को पूछताछ

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जेएनयू यौन उत्पीड़न मामला: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को दिल्ली पुलिस का समन, गुरुवार को पूछताछ

सारांश

जेएनयू में 11 छात्राओं की यौन उत्पीड़न शिकायतों के बाद बर्खास्त प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। भाजपा ने राष्ट्रपति से मुलाकात और NCW को ज्ञापन देकर मामले को राजनीतिक रूप से धार दी है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को JNU यौन उत्पीड़न मामले में गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया।
11 अक्टूबर 2026 को JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई।
मई 2026 में 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं; JNU ने उन्हें प्रोफेसर पद से बर्खास्त किया।
14 अक्टूबर को भाजपा नेताओं ने NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर को ज्ञापन सौंपा; 13 अक्टूबर को महिला सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
भाजपा ने राहुल गांधी से पूछा — अकोइजम पर कार्रवाई क्यों नहीं, और उनके इस्तीफे की माँग की।

दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को गुरुवार, 16 अक्टूबर 2026 को पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अकोइजम इस एफआईआर में नामजद हैं और विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें प्रोफेसर पद से बर्खास्त भी किया जा चुका है।

मुख्य आरोप और शिकायतें

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मई 2026 में 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में कथित तौर पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने छात्राओं को बैठक या किसी कार्यक्रम का बहाना बनाकर अपने कैंपस स्थित आवास पर बुलाया और उनके साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने कक्षाओं में अश्लील और अनुचित टिप्पणियाँ कीं।

बताया गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें बर्खास्त किए जाने के निर्णय से पूर्व हुई आंतरिक जांच में इन आरोपों और शिकायतों की पड़ताल की गई थी।

जांच की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस इस मामले की सक्रिय जांच कर रही है। एफआईआर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज है और पूछताछ उसी क्रम में अगली कड़ी है। पुलिस ने अभी तक इस विषय पर विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मामले को लेकर कांग्रेस और विशेष रूप से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि अकोइजम के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई, और पूछा है कि क्या विपक्ष के नेता का 'पितृसत्ता खत्म करने' का बयान महज राजनीतिक बयानबाजी है।

14 अक्टूबर को भाजपा के कई नेताओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कांग्रेस सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की गई।

राष्ट्रपति से मुलाकात और इस्तीफे की माँग

13 अक्टूबर को भाजपा की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की माँग रखी। भाजपा की महिला सांसदों का कहना है कि अंगोमचा बिमोल अकोइजम सांसद बने रहने के योग्य नहीं हैं और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

यह मामला ऐसे समय में राजनीतिक तूल पकड़ रहा है जब संसद में महिला सुरक्षा और उच्च शिक्षण संस्थानों में यौन उत्पीड़न रोकथाम के मुद्दे पहले से चर्चा में हैं। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद इस मामले में आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक बर्खास्त प्रोफेसर का सांसद के रूप में बने रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा की आक्रामक राजनीतिक प्रतिक्रिया भले ही चुनावी हित से प्रेरित हो, लेकिन यह तथ्य कि कांग्रेस ने अब तक सार्वजनिक रूप से अकोइजम से दूरी नहीं बनाई, विपक्ष की 'महिला सम्मान' की राजनीति को कमज़ोर करती है। असली परीक्षा दिल्ली पुलिस की निष्पक्ष जांच और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की होगी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले में बिमोल अकोइजम पर क्या आरोप हैं?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मई 2026 में JNU की 11 छात्राओं ने अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। छात्राओं का कथित आरोप है कि उन्होंने बैठक या कार्यक्रम के बहाने उन्हें कैंपस आवास पर बुलाया और उत्पीड़न किया, तथा कक्षाओं में अश्लील टिप्पणियाँ भी कीं।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR कब और कहाँ दर्ज की?
दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत यह FIR दर्ज की।
क्या JNU ने अकोइजम के खिलाफ कोई कार्रवाई की है?
हाँ, जेएनयू ने आंतरिक जांच के बाद अकोइजम को प्रोफेसर पद से बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय की जांच में छात्राओं की शिकायतों और आरोपों की पड़ताल की गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
भाजपा ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
भाजपा ने 13 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात और 14 अक्टूबर को NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर को ज्ञापन देकर अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। पार्टी ने उनके सांसद पद से इस्तीफे की भी माँग की है और राहुल गांधी से पूछा है कि उन्होंने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
दिल्ली पुलिस की गुरुवार को होने वाली पूछताछ के बाद जांच की दिशा स्पष्ट होगी। BNS के तहत FIR दर्ज होने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्यवाही तय करेगी। राजनीतिक दबाव को देखते हुए कांग्रेस की ओर से भी किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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