2 नवंबर 2026
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जेएनयू बर्खास्तगी पर दिल्ली हाईकोर्ट की अंतरिम रोक, कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को राहत

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जेएनयू बर्खास्तगी पर दिल्ली हाईकोर्ट की अंतरिम रोक, कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को राहत

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को जेएनयू से बर्खास्तगी पर अंतरिम राहत दी है, लेकिन 11 छात्राओं की शिकायत पर दर्ज एफआईआर की जांच जारी है। अग्रिम जमानत याचिका पर 3 नवंबर को सुनवाई होनी है — तीन अलग-अलग मंचों पर मामला एक साथ चल रहा है।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 नवंबर 2026 को कांग्रेस सांसद अंगोचमा बिमोल अकोइजाम की जेएनयू से बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक लगाई।
जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति ने बर्खास्तगी का आदेश दिया था।
11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं; दिल्ली पुलिस की आपराधिक जांच अंतरिम राहत के बावजूद जारी है।
अकोइजाम ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर 3 नवंबर को सुनवाई संभावित है।
BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुपकुमारी चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 नवंबर 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोचमा बिमोल अकोइजाम की बर्खास्तगी के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश से मामले में अंतिम निर्णय आने तक उन्हें अस्थायी संरक्षण मिल गया है। यह राहत ऐसे समय आई है जब उनके खिलाफ 11 छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों पर आपराधिक जांच अभी भी जारी है।

बर्खास्तगी की पृष्ठभूमि

जेएनयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति द्वारा अकोइजाम को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया था। आरोप है कि जेएनयू में प्रोफेसर रहते हुए 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है।

अकोइजाम ने इस बर्खास्तगी को अदालत में चुनौती देते हुए पूरे मामले को अपने खिलाफ 'राजनीतिक साजिश' बताया था। उन्होंने जेएनयू प्रशासन की कार्यवाही की तुलना 'खाप पंचायत' जैसी प्रक्रिया से भी की थी।

अग्रिम जमानत याचिका और आगे की सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के साथ ही अकोइजाम ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की है। इस याचिका पर 3 नवंबर को सुनवाई होने की संभावना है। गौरतलब है कि अदालत का अंतरिम संरक्षण आपराधिक मामले की जांच को प्रभावित नहीं करता — दोनों प्रक्रियाएं समानांतर चल रही हैं।

पुलिस जांच में सहयोग

इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली पुलिस के समन पर अकोइजाम वसंत कुंज नॉर्थ थाने पहुँचे थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि वह जांच में पूरा सहयोग देने आए हैं और नहीं चाहते कि उनकी अनुपस्थिति को जांच से बचने की कोशिश समझा जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें 'सच की जीत' पर भरोसा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रुपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अकोइजाम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच की माँग की थी। यह मामला संसदीय गलियारों तक भी पहुँच चुका है, जो इसके व्यापक राजनीतिक आयाम को रेखांकित करता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल तीन समानांतर प्रक्रियाएं सक्रिय हैं — दिल्ली हाईकोर्ट में बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका, राऊज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका, और दिल्ली पुलिस की आपराधिक जांच। अंतरिम रोक से अकोइजाम की नौकरी अभी सुरक्षित है, लेकिन मामले का अंतिम निपटारा अदालत की सुनवाई के नतीजों पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि निर्दोषता का प्रमाण — यह अंतर महत्वपूर्ण है। यह मामला एक साथ कई स्तरों पर जटिल है: एक निर्वाचित सांसद, एक विश्वविद्यालय की स्वायत्त जांच प्रक्रिया, और 11 शिकायतकर्ता छात्राओं के अधिकार। अकोइजाम का 'राजनीतिक साजिश' का तर्क और BJP का संसद में दबाव — दोनों मिलकर मामले को उसकी मूल प्रकृति, यानी यौन उत्पीड़न के आरोपों, से परे ले जा रहे हैं। असली कसौटी यह है कि आपराधिक जांच बिना राजनीतिक दबाव के अपना पाठ्यक्रम पूरा करे और शिकायतकर्ताओं की आवाज़ इस शोर में दब न जाए।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिमोल अकोइजाम की बर्खास्तगी पर रोक क्यों लगाई?
दिल्ली हाईकोर्ट ने अकोइजाम की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में अंतिम निर्णय आने तक उनकी जेएनयू से बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक लगाई है। यह एक प्रक्रियागत राहत है जो यह नहीं दर्शाती कि अदालत ने उनके पक्ष में अंतिम फैसला दिया है।
बिमोल अकोइजाम पर क्या आरोप हैं?
जेएनयू में प्रोफेसर रहते हुए 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और मामले की जांच जारी है।
अकोइजाम की अग्रिम जमानत याचिका पर कब सुनवाई होगी?
उन्होंने राऊज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर 3 नवंबर 2026 को सुनवाई होने की संभावना है। यह याचिका हाईकोर्ट की बर्खास्तगी पर रोक से अलग, आपराधिक मामले से संबंधित है।
क्या हाईकोर्ट की रोक से आपराधिक जांच भी रुकेगी?
नहीं। दिल्ली हाईकोर्ट की अंतरिम रोक केवल जेएनयू की बर्खास्तगी पर लागू है। दिल्ली पुलिस की आपराधिक जांच इससे स्वतंत्र रूप से जारी रहेगी।
BJP ने इस मामले में क्या माँग की है?
BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रुपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अकोइजाम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच की माँग की थी।
राष्ट्र प्रेस
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