जेएनयू यौन उत्पीड़न मामला: BJP महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन, बिमोल अकोइजम पर कार्रवाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से बर्खास्त प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर 11 छात्राओं द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायतें सही पाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महिला मोर्चा ने 12 अक्टूबर 2026 को देशभर में विरोध प्रदर्शन किए। नई दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने काले झंडे, तख्तियाँ और बैनर लेकर पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी तोड़ने की माँग की।
जेएनयू जाँच समिति का निर्णय
9 अक्टूबर 2026 को जेएनयू की एक आंतरिक समिति ने अपनी गहन जाँच के बाद पाया कि 11 छात्राओं द्वारा प्रोफेसर बिमोल अकोइजम के खिलाफ दर्ज कराई गई यौन उत्पीड़न की शिकायतें सही थीं। इस निर्णय के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अकोइजम को उनके पद से बर्खास्त कर दिया। गौरतलब है कि अकोइजम फिलहाल मणिपुर से कांग्रेस के सांसद हैं।
BJP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
विरोध प्रदर्शन में शामिल BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी महिलाओं के सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जेएनयू जैसी प्रतिष्ठित संस्था में जिस तरह से उनके सांसद ने पढ़ने आई छात्राओं के साथ व्यवहार किया, वह पूरे देश के लिए शर्म की बात है। उन्होंने माँग की कि राहुल गांधी इस पर माफी माँगें और तुरंत कार्रवाई करें।
BJP सांसद और मणिपुर की राज्य अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी ने कहा, 'एक प्रोफेसर ने अपनी ही 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया है — यह ऐसा मुद्दा नहीं जिस पर चुप रहा जाए। महिलाएं एकजुट होकर सड़कों पर उतर रही हैं और उन्होंने माँग की कि कांग्रेस के नेता आगे आकर अपने सांसद पर कार्रवाई करें।'
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने सवाल उठाया कि 'पितृसत्ता को खत्म करने' की बात करने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उन्होंने पूछा, 'क्या इस मौन से आप अपने सिटिंग सांसद के इस कृत्य का समर्थन कर रहे हैं?'
BJP सांसद पूनमबेन माडम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोच हमेशा से महिलाओं की सुरक्षा और उनकी गरिमा का विरोध करने वाली रही है। BJP विधायक शिखा रॉय ने माँग की कि राहुल गांधी इस्तीफा दें और उनकी पार्टी अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, 'अगर जेएनयू ने उसे निकाल दिया है, तो कांग्रेस ने उसे क्यों बनाए रखा? आपकी 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' की बात कहाँ गई?'
देशभर में फैला विरोध प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी BJP की महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तर का घेराव किया और अकोइजम की गिरफ्तारी की माँग की। बेंगलुरु में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। वहीं, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी BJP महिला मोर्चा ने प्रदर्शन कर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं का अनादर करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक संदर्भ और आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस लंबे समय से महिला सशक्तिकरण को अपने राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बताती रही है। आलोचकों का कहना है कि पार्टी की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आना उसकी नीतिगत स्थिति पर सवाल खड़े करता है। जेएनयू प्रशासन की ओर से बर्खास्तगी की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन सांसद के रूप में अकोइजम की स्थिति और आपराधिक कार्यवाही पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह मामला आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक गलियारों में और तूल पकड़ सकता है।