जेएनयू यौन उत्पीड़न मामला: भाजपा ने एनसीडब्ल्यू को सौंपा ज्ञापन, कांग्रेस सांसद अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की चेयरपर्सन विजया रहाटकर से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा और कांग्रेस सांसद एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग की। प्रोफेसर अकोइजम पर 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, और विश्वविद्यालय की आंतरिक जाँच समिति इन शिकायतों को सही पा चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में पाँच सांसदों समेत प्रतिनिधिमंडल ने NCW चेयरपर्सन से भेंट की। चौधरी ने पत्रकारों को बताया, "हमने उनसे आग्रह किया कि वे जेएनयू में हुई हालिया घटना का संज्ञान लें, जिसमें मणिपुर के कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. बिमोल अकोइजम शामिल हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि 11 छात्राओं ने लिखित शिकायतें दर्ज कराकर साहस का परिचय दिया है, जिनकी जाँच के बाद विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर अकोइजम को बर्खास्त किया। चौधरी के अनुसार, "यह व्यक्ति बहुत प्रभावशाली है और उसे पार्टी का संरक्षण प्राप्त है, इसीलिए हमने उन 11 छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।"
आरोपों की प्रकृति
रिपोर्टों के अनुसार, मई 2026 में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में कथित तौर पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने बैठकों या कार्यक्रमों के बहाने छात्राओं को कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाया और उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कक्षाओं में अश्लील एवं अनुचित टिप्पणियाँ कीं।
JNU की आंतरिक जाँच में इन आरोपों को सत्यापित पाया गया और इसके बाद विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर अकोइजम को पद से बर्खास्त कर दिया।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज की गई है, जिसमें प्रोफेसर अकोइजम का नाम स्पष्ट रूप से शामिल है।
पुलिस ने प्रोफेसर अकोइजम को नोटिस जारी किया है और उन्हें गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की जाँच जारी है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "आदर्श रूप से कांग्रेस को छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी और पद से हटा देना चाहिए था।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मामले पर अभी तक एक शब्द भी नहीं कहा है। कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह मामला ऐसे समय में और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है जब संसद का सत्र निकट है और महिला सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है। गौरतलब है कि JNU परिसर पहले भी राजनीतिक विवादों के कारण सुर्खियों में रहा है, लेकिन किसी सांसद प्रोफेसर के खिलाफ इस स्तर की आंतरिक जाँच और बर्खास्तगी एक असाधारण घटनाक्रम है।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस की जाँच और NCW के हस्तक्षेप के साथ यह मामला अब कई मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ रहा है। NCW के पास महिलाओं के खिलाफ अपराधों में स्वतः संज्ञान लेने और राज्य एजेंसियों से जाँच रिपोर्ट माँगने का अधिकार है। आलोचकों का कहना है कि यदि कांग्रेस पार्टी ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह मामला आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से कठिन हो सकता है।