JNU की 11 छात्राओं की शिकायतें सच साबित, बिमोल अकोइजम बर्खास्त; BJP ने कांग्रेस से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की आंतरिक समिति ने 11 छात्राओं द्वारा कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायतों में तथ्य पाए हैं, जिसके आधार पर विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर 2026 को उन्हें अपनी सेवा से बर्खास्त कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस की चुप्पी पर कड़े सवाल उठाए और अकोइजम को तत्काल लोकसभा से निलंबित तथा पार्टी से निष्कासित करने की माँग दोहराई।
आंतरिक समिति की जाँच और बर्खास्तगी
शिकायतें सामने आने के बाद JNU के कुलपति ने विश्वविद्यालय के कानूनी ढाँचे के अंतर्गत एक आंतरिक समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज किया कि बिमोल अकोइजम 11 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के दोषी पाए गए। इसी रिपोर्ट के आधार पर 9 अक्टूबर 2026 को उन्हें विश्वविद्यालय से बर्खास्त किया गया।
BJP नेत्री डी. पुरंदेश्वरी ने प्रेस वार्ता में यह भी बताया कि अकोइजम ने स्वयं एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके खिलाफ 15 शिकायतें दर्ज हुई थीं — जिनमें तीन शिकायतें छात्रों की भी थीं। पुरंदेश्वरी ने कहा, 'यह सोचकर ही हैरानी होती है कि कोई व्यक्ति इतने गर्व के साथ कैसे कह सकता है कि उसके खिलाफ 15 शिकायतें दर्ज हैं।'
BJP महिला मोर्चा का आंदोलन
BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 15 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इससे पहले, 10 अक्टूबर को देशभर के राज्यों में और 12 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित किए गए। 13 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलकर पीड़ित छात्राओं को संरक्षण देने की गुहार लगाई, और 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर से भी मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस की चुप्पी पर BJP का हमला
BJP नेत्री बांसुरी स्वराज ने कहा, 'कांग्रेस का फेमिनिज्म हैशटैग से जरूर शुरू होता है, लेकिन जवाबदेही की दहलीज पर आकर उसकी बलि चढ़ जाती है।' उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे की चुप्पी पर सवाल उठाया।
रूपकुमारी चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अब तक अकोइजम को न पार्टी से निष्कासित किया है और न ही उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। BJP का कहना है कि आंतरिक समिति — जो विश्वविद्यालय के भीतर एक मजबूत कानूनी इकाई है — द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद संसद की सदस्यता बनाए रखना लोकतंत्र की गरिमा के विरुद्ध है।
पुरंदेश्वरी ने यह भी कहा कि BJP के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके लिए कांग्रेस ने कोई खेद नहीं जताया।
पीड़ित छात्राओं की सुरक्षा की चिंता
रूपकुमारी चौधरी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिकायत दर्ज कराने वाली 11 छात्राएँ अभी भी उसी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। प्रोफेसर-स्तर के व्यक्ति के खिलाफ आवाज उठाना साहस का काम है क्योंकि भेदभाव का जोखिम बना रहता है। BJP महिला मोर्चा ने इन छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
आगे क्या
BJP महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि 'सड़क से संसद तक' न्याय की यह लड़ाई जारी रहेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपे गए ज्ञापन में माँग की गई है कि दोषी पाए गए सांसद की संसद सदस्यता पर विचार किया जाए। कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।