क्या बीएमसी चुनावों की गिनती में तेजी आएगी?

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क्या बीएमसी चुनावों की गिनती में तेजी आएगी?

सारांश

क्या बीएमसी चुनावों की गिनती में तेजी आएगी? जानिए महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों की वोटों की गिनती के ताजा हालात।

Key Takeaways

  • 29 नगर निगमों के लिए वोटों की गिनती शुरू हुई।
  • पहले राउंड के नतीजे 11:30 से 12:30 के बीच आने की उम्मीद।
  • वोटिंग में 52.94 प्रतिशत की भागीदारी।
  • विवादों के बीच गिनती का कार्य जारी।
  • राज्य चुनाव आयोग ने विवादों की जांच की घोषणा की।

मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए वोटों की गिनती आज सुबह 10 बजे प्रारंभ हो गई है। प्रारंभिक पोस्टल बैलेट के रुझान और ईवीएम काउंटिंग के पहले राउंड के नतीजे सुबह 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच आने की उम्मीद है।

यह प्रक्रिया मुंबई, पुणे, ठाणे और अन्य प्रमुख शहरों में निर्धारित काउंटिंग सेंटर्स पर कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि वोटिंग की संख्या अच्छी रही है, जो अक्सर बदलाव की इच्छा या बंटे हुए वोटर्स का संकेत देती है।

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने 52.94 प्रतिशत वोटिंग की सूचना दी है। सबसे अधिक भांडुप में 64.53 प्रतिशत, सबसे कम कोलाबा में 20.88 प्रतिशत, पुणे 54 प्रतिशत, पिंपरी-चिंचवड़ 58 प्रतिशत और कोल्हापुर 70 प्रतिशत है।

विभिन्न विवादों के बीच गिनती का कार्य प्रारंभ हुआ। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव और एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि पारंपरिक स्याही के बजाय “न मिटने वाले” मार्कर पेन का उपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इन्हें मिटाया जा सकता है, जिससे फर्जी वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है।

राज्य चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि स्याही को सूखने में समय लगता है। न मिटने वाली स्याही को लेकर विवाद के बाद आयोग ने पहले ही जांच की घोषणा की है।

हालांकि चुनाव मुख्यतः 2,869 सीटों के लिए होने थे, जिनमें बीएमसी की 227 सीटें शामिल थीं, किन्तु 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिसके कारण 2,801 सीटों पर ही चुनाव हुए। कुल 3.48 करोड़ मतदाताओं ने 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया, जिसमें मुंबई के 1,729 उम्मीदवार शामिल हैं।

चुनाव छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, मुंबई, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी में हुए हैं।

29 नगर निगमों के चुनाव छह साल से अधिक के अंतराल के बाद हो रहे हैं, क्योंकि उनका कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गया था। इनमें से नौ मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में हैं, जो भारत का सबसे अधिक शहरी क्षेत्र है।

Point of View

क्योंकि यह दर्शाता है कि महाराष्ट्र में मतदाता किस दिशा में सोच रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच विवाद चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

बीएमसी चुनावों का महत्व क्या है?
बीएमसी चुनाव महाराष्ट्र के शहरी विकास और स्थानीय प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
गिनती के दौरान विवाद क्यों हुए?
विवाद पारंपरिक स्याही के बजाय न मिटने वाले मार्कर पेन के उपयोग को लेकर उठे।
कितने मतदाता चुनाव में शामिल हुए?
इस चुनाव में कुल 3.48 करोड़ मतदाता शामिल हुए।
क्या कोई उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए?
हाँ, 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
गिनती की प्रक्रिया कब समाप्त होगी?
गिनती की प्रक्रिया आज के दिन में ही पूरी होने की उम्मीद है।
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