क्या मार्च में 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' का आयोजन स्वच्छ ऊर्जा पर होगा?
सारांश
Key Takeaways
- स्वच्छ ऊर्जा का विकास
- बिजली की प्रबंधन प्रणाली में सुधार
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना
- नई तकनीकों का प्रदर्शन
- खरीदार-विक्रेता बैठक से व्यापार के नए अवसर
नई दिल्ली, १६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सरकार के अनुसार भारत अब ऊर्जा की प्रचुरता के एक नए चरण में कदम रख चुका है। अब देश में बिजली की कमी का सवाल नहीं है, बल्कि अतिरिक्त बिजली को सही ढंग से प्रबंधित करने, एक मजबूत प्रणाली बनाने और सभी को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता है।
इसी दिशा में 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट २०२६' का आयोजन किया जा रहा है। यह विद्युत और ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी होगी, जो १९ से २२ मार्च तक राष्ट्रीय राजधानी में होगी।
ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के अनुसार, यह सम्मेलन केवल अब तक की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में हम क्या कर सकते हैं, उसका मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में तकनीक निर्माताओं, बुनियादी ढांचा विकसित करने वाले संगठनों, नवीन विचार लाने वाले व्यक्तियों और निर्णय लेने वाले अधिकारियों की भागीदारी होगी।
मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन एक ऐसा मंच होगा, जहां भारत की स्थानीय क्षमताएं और दुनिया की वैश्विक सोच मिलकर एक सतत और मजबूत बिजली भविष्य का निर्माण करेंगी।
इस चार दिवसीय सम्मेलन का विषय होगा - 'विकास को विद्युतीकृत करना, टिकाऊ भविष्य को मजबूत बनाना और दुनिया से जुड़ना'।
इस सम्मेलन में भारत की स्वच्छ ऊर्जा की प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा और साथ ही बिजली क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों और अवसरों पर भी चर्चा होगी।
विद्युत मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों से सरकारी, उद्योग, शिक्षा और समाज से जुड़े लोग शामिल होंगे, जहां बिजली और टिकाऊ ऊर्जा के भविष्य पर संवाद होगा और देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस आयोजन में ५० से अधिक उच्च स्तरीय बैठकें, विशेषज्ञों द्वारा पैनल चर्चाएं, विभिन्न विषयों पर पवेलियन और नई तकनीकों की प्रदर्शनी होगी, जो विद्युत और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े हर क्षेत्र को प्रदर्शित करेगी।
मंत्रालय ने बताया कि इस आयोजन में भारत और विश्व भर से ५०० से अधिक प्रदर्शक, २५,००० से अधिक आगंतुक, १,००० से अधिक प्रतिनिधि और ३०० वक्ता शामिल होंगे।
इस सम्मेलन की एक विशेषता 'खरीदार-विक्रेता बैठक' होगी, जिससे नई साझेदारियां बनेंगी और वैश्विक बिजली क्षेत्र में नए व्यापार के अवसर उत्पन्न होंगे।
सरकारी बयान के अनुसार, यह सम्मेलन देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, निवेश को आकर्षित करने और स्वच्छ बिजली को तेजी से अपनाने में सहायक होगा।