'ब्रांड वायनाड' लॉन्च: प्रियंका गांधी की पर्यटन वकालत और केरल सरकार की 100 दिवसीय योजना एक साथ
सारांश
मुख्य बातें
केरल के पर्यटन मंत्री पीसी विष्णुनाध ने 7 अक्टूबर 2025 को वायथिरी विलेज रिजॉर्ट, वायनाड में राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'ब्रांड वायनाड' प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य वायनाड को एक परंपरागत हिल स्टेशन की छवि से आगे ले जाकर एक जिम्मेदार और टिकाऊ वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी लंबे समय से इस पहाड़ी जिले की पर्यटन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की वकालत करती रही हैं।
योजना का आधार और प्रमुख घटक
'ब्रांड वायनाड' के केंद्र में 'रेस्पोंसिबल टूरिज्म' यानी जिम्मेदार पर्यटन की अवधारणा है। इसके तहत होमस्टे को आधुनिक बनाया जाएगा और पर्यटकों को केवल दर्शनीय स्थलों की सैर के बजाय बहुआयामी अनुभव देने पर जोर रहेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने की।
इस योजना में कॉफी के बागान, स्थानीय भोजन, कृषि जीवन, आदिवासी विरासत, ग्रामीण अनुभव और जिले के प्राकृतिक वातावरण को एक सूत्र में पिरोया जाएगा। वायनाड की जीआई टैग प्राप्त रोबस्टा कॉफी को 'फार्म-टू-कप' मॉडल के ज़रिये वैश्विक बाजार में प्रमोट किया जाएगा। इसके अलावा मसाले, पारंपरिक चावल की किस्में और शहद को भी पर्यटन अनुभव से जोड़ा जाएगा।
आदिवासी संस्कृति और विरासत को केंद्र में रखा
इस योजना में वायनाड की मूल आदिवासी पहचान को संरक्षित और प्रदर्शित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। एन ऊरू हेरिटेज विलेज का विस्तार किया जाएगा, ताकि वायनाड की आदिवासी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रभावशाली तरीके से पेश किया जा सके।
इसके साथ ही ₹50 करोड़ की लागत से एक ट्राइबल यूनिवर्सिटी और हेरिटेज नॉलेज सेंटर स्थापित किए जाने की योजना है। यह केंद्र स्थानीय ज्ञान परंपराओं को दस्तावेज़ीकृत करने और अकादमिक शोध को बढ़ावा देने में भी सहायक होगा।
कॉरपोरेट भागीदारी और पर्यावरण अभियान
सरकार की योजना वायनाड सीएसआर एक्सचेंज की शुरुआत करने की भी है, जिससे जिले के विकास में कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा ई-वेस्ट मुक्त अभियान भी चलाया जाएगा, जो पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
यह प्रोजेक्ट वीडी सतीशन सरकार के 100 दिवसीय एक्शन प्रोग्राम का हिस्सा है, जो इसे प्रशासनिक प्राथमिकता का दर्जा देता है।
प्रियंका और राहुल गांधी की वकालत की पृष्ठभूमि
वायनाड सांसद प्रियंका गांधी पहाड़ी जिले की प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने की बात करती रही हैं। उन्होंने बेहतर बुनियादी ढाँचे और बड़े स्तर पर प्रचार की आवश्यकता पर भी बल दिया है।
उनसे पहले वायनाड के सांसद रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी जिले की पर्यटन संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की माँग की थी और स्थानीय रोजगार व आजीविका के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की थी। सरकार की यह पहल उस सोच को औपचारिक नीतिगत रूप देने की कोशिश है।
आगे की राह और असली परीक्षा
गौरतलब है कि वायनाड जिला हाल के वर्षों में भूस्खलन और जलवायु संबंधी आपदाओं से भी प्रभावित रहा है। ऐसे में 'ब्रांड वायनाड' की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि पर्यटन विकास पारिस्थितिकी तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना स्थानीय समुदायों की आमदनी में वास्तविक बढ़ोतरी कर पाता है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और स्थानीय भागीदारी ही इसकी दीर्घकालिक सफलता की कसौटी होगी।