वायनाड को मिला व्यापक स्वास्थ्य पैकेज: सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल से MRI तक, मंत्री मुरलीधरन का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 3 जुलाई को वायनाड जिले के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य पैकेज की घोषणा की, जिसमें एक दर्जन से अधिक पहलें शामिल हैं और जिसका उद्देश्य जिले की दशकों पुरानी स्वास्थ्य सेवा की खामियों को दूर करना है। वायनाड कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय 'कायाकल्पम जनसंपर्कम' कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की गई।
मुख्य घोषणाएँ
इस पैकेज की सबसे बड़ी घोषणा वायनाड में एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना है, जो जिले में अब तक अनुपलब्ध उन्नत चिकित्सा सेवाओं की कमी को पूरा करेगा। इसके साथ ही वायथिरी अस्पताल को जिला मॉडल अस्पताल के रूप में उन्नत किया जाएगा और सुल्तान बाथरी तालुक अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा।
सरकारी क्षेत्र में उन्नत निदान सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए जिले के एक प्रमुख अस्पताल में MRI स्कैनिंग सेवाएँ शुरू की जाएंगी। मंत्री ने यह भी बताया कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ पदों का सृजन किया जाएगा और लंबित स्वास्थ्य परियोजनाओं की धनराशि शीघ्र जारी होगी।
मेडिकल कॉलेज की भूमि का संकट
मंत्री मुरलीधरन ने स्वीकार किया कि वायनाड मेडिकल कॉलेज के लिए पहले चिन्हित भूमि संरक्षित वन भूमि के अंतर्गत आने के कारण अनुपयुक्त पाई गई है। सरकार अब मनंथावडी में एक वैकल्पिक स्थल की तलाश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बुनियादी ढाँचे के विकास में और देरी हुई तो अगले वर्ष कॉलेज की मान्यता खतरे में पड़ सकती है। इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
आम जनता पर असर
मानव-वन्यजीव संघर्ष से बार-बार प्रभावित होने वाले दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की जाएंगी, जिससे उन निवासियों को राहत मिलेगी जिन्हें अब तक बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसके अलावा जिले में कैंसर के बढ़ते मामलों का विस्तृत अध्ययन भी कराया जाएगा।
गौरतलब है कि वायनाड में हाल ही में शिगेला सहित जलजनित रोगों के प्रकोप की घटनाएँ सामने आई थीं। मंत्री ने कहा कि इस पर काबू पाने के लिए जल गुणवत्ता निगरानी को और सघन किया जाएगा।
बुनियादी ढाँचे को मज़बूती
जिला चिकित्सा कार्यालय (स्वास्थ्य) के लिए एक समर्पित भवन का निर्माण किया जाएगा, जो वर्तमान में अपने स्वयं के परिसर के बिना कार्यरत है — यह स्थिति प्रशासनिक कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव डालती रही है। मंत्री ने कंबलक्कड़ के एक मोटर न्यूरॉन रोग पीड़ित मरीज के इलाज के लिए आरोग्य किरणम योजना के तहत वित्तीय सहायता की भी घोषणा की।
आगे की राह
यह पैकेज ऐसे समय में आया है जब वायनाड भूस्खलन आपदा के बाद पुनर्निर्माण के दौर से गुज़र रहा है और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की माँग पहले से कहीं अधिक है। मेडिकल कॉलेज के स्थल को लेकर मुख्यमंत्री स्तर की बैठक और मोबाइल यूनिट की तैनाती इस पैकेज के शुरुआती क्रियान्वयन की दिशा तय करेंगे।