परियोजना चेतक ने मनाया 47वां स्थापना दिवस, बीआरओ की ऐतिहासिक यात्रा
सारांश
Key Takeaways
- परियोजना चेतक ने 47 वर्षों से अधिक की सेवा का जश्न मनाया।
- यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- इसका सड़क नेटवर्क 4,000 किलोमीटर से अधिक है।
- यह रक्षा बलों की सहायता करती है।
- बीआरओ की अन्य परियोजनाएं भी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करती हैं।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की परियोजना चेतक ने शनिवार को राजस्थान के बीकानेर में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया।
इस अवसर पर पश्चिमी क्षेत्र में चार दशकों से अधिक की समर्पित सेवा को याद किया गया। 1980 में इसी दिन आरंभ हुई इस परियोजना ने राजस्थान, पंजाब और गुजरात के उत्तरी हिस्सों में बुनियादी ढांचे के विकास और रखरखाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसने सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में भी योगदान दिया है।
अपने आदर्श वाक्य ‘चेतक का प्रयास, देश का विकास’ के साथ, परियोजना चेतक बीआरओ की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। इसके तहत 4,000 किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क और 214 किलोमीटर की ‘खाई-सह-बांध’ (डिच कम बंड) शामिल है।
यह अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने वाली मुख्य फीडर सड़कों का रखरखाव करके रक्षा बलों की सहायता करता है। इन सड़कों को ‘राष्ट्रीय राजमार्ग दो-लेन’ मानकों के अनुसार अपग्रेड करने के लिए निरंतर प्रयास चलाए जा रहे हैं।
आपको यह भी जानकारी होनी चाहिए कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की प्रोजेक्ट सेवक ने 15 फरवरी को दीमापुर में अपना 66वां स्थापना दिवस मनाया था। यह परियोजना पिछले छह दशकों से नागालैंड और मणिपुर जैसे रणनीतिक और भौगोलिक रूप से कठिन राज्यों में महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रही है।
1961 में शुरू हुई प्रोजेक्ट सेवक उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह सेना की तैयारी को मजबूत करने और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक है।
दीमापुर मुख्यालय वाली प्रोजेक्ट सेवक बीआरओ की सबसे पुरानी परियोजनाओं में से एक है। “सेवक” नाम का अर्थ है “सेवा करने वाला,” जो कठिन परिस्थितियों में भी सेवा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसका प्रतीक चिह्न “क्रॉस्ड नागा स्पीयर्स” नागा जनजातियों की वीरता और समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।