क्या बीएसएफ जम्मू ने बुजुर्ग मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी कराई?
सारांश
Key Takeaways
- बीएसएफ जम्मू ने 7 बुजुर्ग मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी कराई।
- सीएमओ के सहयोग से यह सेवा दी गई।
- कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में 29 स्थानीय युवाओं ने भाग लिया।
- मानवता की सेवा के प्रति बीएसएफ की संवेदनशीलता।
- जम्मू क्षेत्र में सामुदायिक संबंधों को मजबूती मिली।
जम्मू, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जम्मू शाखा ने शनिवार को बुजुर्ग मरीजों की आंखों की सर्जरी का कार्य किया। इस बारे में उन्होंने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर जानकारी साझा की।
बीएसएफ जम्मू ने बताया कि विजयपुर सरकारी अस्पताल में सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) के सहयोग से 7 बुजुर्ग मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी संपन्न की गई। उन्होंने मरीजों की तस्वीरों के साथ लिखा, "बीएसएफ जम्मू ने सरकारी अस्पताल विजयपुर में 7 बुजुर्ग मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी कराई। सीएमओ विजयपुर के सहयोग से पहचान से लेकर उपचार तक सम्पूर्ण सहायता प्रदान की गई।"
बीएसएफ ने इसे मानवता की सेवा के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाते हुए बताया। उन्होंने लिखा, "हमारे बुजुर्गों को पुनः स्पष्ट दृष्टि प्राप्त करने में सहायता की गई। राष्ट्र सेवा के साथ मानवता की सेवा। सीमाओं से परे भी बीएसएफ की संवेदनशील सेवा।"
इससे पहले शुक्रवार को कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम बीएसएफ सुंदरबनी द्वारा इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर एवं आरओ विषयों पर कौशल प्रशिक्षण के लिए आयोजित किया गया था। बीएसएफ जम्मू ने 'एक्स' हैंडल पर तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "सिविक एक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत, बीएसएफ सुंदरबनी द्वारा शुक्रवार को मार्ह, जम्मू के एक बॉर्डर आउट पोस्ट पर इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर एवं आरओ विषयों पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।"
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 29 स्थानीय युवाओं ने भाग लिया। बीएसएफ जम्मू ने लिखा, "इस कार्यक्रम में 29 स्थानीय युवाओं ने भाग लिया और व्यावहारिक कौशल प्राप्त कर अपनी रोजगार क्षमता में वृद्धि की, जिससे सामुदायिक संबंधों को मजबूती मिली।"
हाल ही में, बीएसएफ जम्मू ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया था। उन्होंने बताया, "28 दिसंबर 2025 को बीएसएफ के जवानों ने पंजाब पुलिस (पुलिस पोस्ट) के समन्वय में तहसील और जिला पठानकोट के अंतर्गत आने वाले गांव पहाड़ीपुर के गहराई वाले क्षेत्रों में संयुक्त तलाशी अभियान संचालित किया।"
उन्होंने आगे लिखा, "इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय प्रभुत्व को सुदृढ़ करना, सीमा सुरक्षा को और मजबूत करना तथा दोनों बलों के बीच प्रभावी परिचालनात्मक समन्वय को बढ़ावा देना रहा।"