क्या सुबह की सही शुरुआत आपके पूरे दिन को बदल सकती है? रोजमर्रा की आदतों से सेहत में सुधार लाएं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज की तेज गति वाली जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर की ओर ध्यान नहीं दे पाते। इसके परिणामस्वरूप, उम्र से पहले थकान और बीमारियाँ हमें घेर लेती हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, जिस प्रकार का भोजन हम करते हैं, हमारा शरीर उसी के अनुरूप बनता है।
आयुर्वेद के अनुसार, दिन की शुरुआत गर्म पानी से करनी चाहिए। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। इससे अग्नि, यानी पाचन शक्ति, मजबूत होती है। यदि इसमें थोड़ा नींबू निचोड़ दिया जाए, तो इसका लाभ और भी बढ़ जाता है। यह आदत धीरे-धीरे शरीर की सफाई में मदद करती है और वजन संतुलन में भी सहायक हो सकती है।
आजकल बाजार में मिलने वाला भोजन देखने में भले ही स्वादिष्ट हो, लेकिन यह सेहत के लिए हानिकारक होता है। विज्ञान का कहना है कि पैक्ड फूड शरीर में सूजन बढ़ाता है और आयुर्वेद इसे भारी और दोष बढ़ाने वाला मानता है। यदि रोजाना ऐसा खाना खाया जाए, तो शरीर सुस्त हो जाता है। घर का ताजा, साधा और कम प्रोसेस्ड भोजन खाने से सेहत ठीक रहती है।
भोजन का समय भी महत्वपूर्ण है। निर्धारित समय पर खाने से शरीर एक लय में काम करता है। इससे ब्लड शुगर संतुलित रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। जब भोजन और अगले भोजन के बीच उचित अंतर होता है, तो पाचन सही रहता है और अधिक खाने की प्रवृत्ति अपने आप कम हो जाती है।
इसके अतिरिक्त, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आपकी थाली में सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हों। अक्सर हमारी थाली में केवल रोटी या चावल होते हैं, लेकिन प्रोटीन की कमी रह जाती है। शरीर को ताकत देने के लिए दाल, दूध, दही, पनीर, अंकुरित अनाज, फल और सब्जियां आवश्यक हैं। ये सब्जियां शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देती हैं और पर्याप्त पानी शरीर को तरोताजा रखता है।