बीटेक डिग्रीधारी ललित उर्फ मोदी गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने अलीगढ़ से पकड़ा 19 मामलों का वांछित अपराधी
सारांश
Key Takeaways
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 3 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से कुख्यात अपराधी ललित उर्फ मोदी को गिरफ्तार किया। वह स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन के मकोका (MCOCA) मामले में वांछित था और दिल्ली की तीन अदालतों — साकेत, तीस हजारी और पटियाला हाउस — द्वारा 8 अलग-अलग हथियारबंद लूट मामलों में 'घोषित अपराधी' घोषित किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार, आरोपी 2019 से फरार चल रहा था।
कौन है ललित उर्फ मोदी
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ललित के पास बीटेक की डिग्री है और 2015 में संगठित अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वह एक ट्यूशन सेंटर चलाता था। उसका गिरोह उच्च जोखिम वाली हथियारबंद डकैतियों और वाहन लूट में माहिर था। गौरतलब है कि गिरोह के सदस्य अक्सर चोरी के वाहनों और दिल्ली पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर पीड़ितों को रोकते थे — जो इस गिरोह की कार्यशैली की सुनियोजित और खतरनाक प्रकृति को दर्शाता है।
आपराधिक इतिहास
ललित सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में खैर पुलिस थाने में दर्ज एक सनसनीखेज हत्या के मामले में शामिल था। इसके बाद उसने और उसके साथियों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बंदूक की नोक पर कई हथियारबंद डकैतियाँ कीं। 2015 में उसे दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके से अवैध हथियारों और एक चोरी की स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया था।
2018 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया। 2024 में वह मथुरा जिले के शेरगढ़ में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान हुई एक मुठभेड़ में शामिल था, जिसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, वह कुल 19 जघन्य मामलों में शामिल रहा है।
गिरफ्तारी कैसे हुई
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। अधिकारियों के अनुसार, ललित अक्सर अपनी जगह बदलता रहता था और छिपकर काम करता था, जिससे उसकी पहचान और ट्रैकिंग अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। टीम ने महीनों तक तकनीकी निगरानी, ट्रैकिंग और खुफिया जानकारी जुटाने का काम किया।
अंततः सटीक और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अलीगढ़ में उसके छिपने की जगह का पता लगाया गया और एक सुनियोजित छापे में उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद ललित को दिल्ली लाया गया है, जहाँ उससे उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि ललित वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर था। आने वाले दिनों में उसके खिलाफ लंबित मामलों में अदालती कार्यवाही तेज़ होने की उम्मीद है।