क्या बी. सुदर्शन रेड्डी को नक्सल समर्थक कहना उचित है? : भूपेश बघेल

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क्या बी. सुदर्शन रेड्डी को नक्सल समर्थक कहना उचित है? : भूपेश बघेल

सारांश

राजनीतिक विवाद में भूपेश बघेल ने बी. सुदर्शन रेड्डी को नक्सल समर्थक कहने पर भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की चुप्पी और चुनाव आयोग पर भाजपा के प्रभाव का भी सवाल उठाया। जानें पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों को आधारहीन कहा।
  • पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की चुप्पी पर सवाल उठाया।
  • चुनाव आयोग पर भाजपा के प्रभाव का सवाल उठाया।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए इंडिया अलायंस के उम्मीदवार पूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नक्सल समर्थक कहे जाने पर राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है।

इस आरोप का प्रतिवाद करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भाजपा पर तीखा हमला किया।

भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों को बेतुका बताते हुए यह सवाल उठाया कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, जिन्होंने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया, आखिर कहां हैं?

बघेल ने कहा, "अगर धनखड़ साहब का इस्तीफा नहीं लिया गया होता, तो भाजपा को यह कहने का अवसर नहीं मिलता। वह देश के दूसरे नंबर के नागरिक हैं, लेकिन एक महीने से अधिक समय हो गया, उनकी कोई खबर नहीं। कोई स्वास्थ्य बुलेटिन क्यों नहीं जारी हुआ? उनका परिवार चुप क्यों है? पहले यह बताएं कि धनखड़ साहब को कहां छुपाया गया है?"

भूपेश बघेल ने बी. सुदर्शन रेड्डी पर लगाए गए नक्सल समर्थक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी जज के फैसले का मतलब यह नहीं कि वह उस विचारधारा का समर्थक है।

उन्होंने मजाक करते हुए कहा, "क्या कोई उपन्यासकार डाकू पर किताब लिखे या कवि डाकू पर कविता लिखे, तो क्या वह डाकू बन जाता है? रेड्डी ने संवैधानिक दायरे में निर्णय लिए। भाजपा उस समय क्यों चुप थी? अगर उन्हें निर्णय गलत लगा तो सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच में चुनौती क्यों नहीं दी?"

बघेल ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा, "जब वह गृह मंत्री बन सकते हैं, तो एक रिटायर्ड जज उपराष्ट्रपति क्यों नहीं बन सकता?"

उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग की छवि दुनिया में धूमिल हुई है, चुनाव आयोग ने अपना सम्मान खो दिया है। राहुल गांधी सवाल पूछकर आपको आईना दिखा रहे थे, लेकिन वे उलटे आरोप लगाने लगे। इससे पता चलता है कि आप सत्ता में बैठे लोगों के दबाव में हैं। चुनाव आयोग का भाजपा की ओर झुकाव स्पष्ट है। सभी समझ गए हैं कि यह अब भारत का चुनाव आयोग नहीं रहा, यह भारतीय जनता पार्टी का आयोग बन गया है।"

संविधान संशोधन बिल पर टीएमसी और समाजवादी पार्टी के जेपीसी में शामिल नहीं होने के रुख पर भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस का स्टैंड संसदीय दल और हाईकमान तय करेगा। मैं इस पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हूं।

अमेरिका द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने पर भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल किया कि रूस से तेल खरीद की आवश्यकता कितनी है और कितना तेल रिफाइन कर यूरोप को बेचा जा रहा है।

उन्होंने कहा, "अगर हम अपनी जरूरत के लिए तेल खरीदते, तो टैरिफ नहीं लगता। लेकिन, देश के उद्योगपतियों की कंपनी इसे रिफाइन कर मुनाफा कमा रही है, और टैरिफ का बोझ देश की जनता पर पड़ रहा है।"

दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर पर ईडी की छापेमारी पर भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

Point of View

मैं यह मानता हूँ कि राजनीतिक आरोपों का उपयोग केवल स्वार्थी उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। भूपेश बघेल ने अपनी बात रखी है, लेकिन हमें तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही निष्कर्ष पर पहुँचना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भूपेश बघेल ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने भाजपा के आरोपों को बेतुका बताते हुए जगदीप धनखड़ की चुप्पी पर सवाल उठाया।
बी. सुदर्शन रेड्डी पर नक्सल समर्थक का आरोप क्यों लगाया गया?
भाजपा ने उन्हें नक्सल समर्थक बताकर उनकी उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को निशाना बनाया।
भूपेश बघेल का चुनाव आयोग पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अपना सम्मान खो दिया है और भाजपा की ओर झुकाव स्पष्ट है।