कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग हादसा: तमिलनाडु के मनोज और पुडुचेरी के श्रीसरन की मौत
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के सस्केचेवान प्रांत में 21 सितंबर 2026 को फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान एक विमान दुर्घटना में दो भारतीय छात्र पायलटों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान तमिलनाडु के मनोज शिवकुमार और पुडुचेरी के श्रीसरन थिरुग्नानसंबंथम के रूप में हुई है। वैंकूवर स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करके दोनों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
हादसे का विवरण
दुर्घटनाग्रस्त विमान मैनिटोबा के फ्लाइट स्कूल 'हार्व्स एयर' का एक सेसना 172 विमान था। यह विमान रेजिना से स्टीनबैक (मैनिटोबा) के लिए रात्रिकालीन क्रॉस-कंट्री फ्लाइट पर निकला था और रास्ते में कार्लाइल (सस्केचेवान) से होकर गुजर रहा था। इसी दौरान यह विमान सस्केचेवान के किसबे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान के तय समय पर न पहुँचने की सूचना मिलते ही उसी शाम सर्च-एंड-रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान पर भेजा गया। एक हरक्यूलिस खोज विमान दुर्घटनास्थल का पता लगाने के लिए रवाना किया गया। खोज तकनीशियन अंधेरे में पैराशूट से दुर्घटनास्थल पर उतरे और उन्होंने पुष्टि की कि विमान में सवार दोनों लाइसेंस प्राप्त पायलटों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी।
दूतावास की प्रतिक्रिया और परिवारों को सहायता
वैंकूवर स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले ये दोनों भारतीय छात्र कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुए एक दुखद विमान हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। इस मुश्किल समय में हमारी गहरी संवेदनाएं उनके परिवारों और करीबियों के साथ हैं।'
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों के पार्थिव शरीर भारत वापस लाने के लिए परिवारों को हरसंभव कॉन्सुलर सहायता प्रदान की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में आई है जब हर साल हज़ारों भारतीय छात्र कनाडा में विमानन प्रशिक्षण के लिए जाते हैं।
जाँच की प्रक्रिया
महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि कनाडा के परिवहन सुरक्षा बोर्ड (TSB) ने घटनास्थल पर जाँचकर्ताओं की एक टीम रवाना की है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि रात्रिकालीन उड़ान के दौरान आखिर क्या गड़बड़ हुई जिसके कारण यह हादसा हुआ। जाँच रिपोर्ट आने तक दुर्घटना का सटीक कारण अज्ञात है।
आम जनता और परिवारों पर असर
दोनों छात्र पायलट के रूप में अपना करियर बनाने का सपना लेकर कनाडा गए थे। मनोज शिवकुमार का परिवार तमिलनाडु से और श्रीसरन थिरुग्नानसंबंथम का परिवार पुडुचेरी से है। गौरतलब है कि भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलटों की बढ़ती माँग के कारण बड़ी संख्या में युवा विदेश में फ्लाइट ट्रेनिंग लेने जाते हैं।
क्या होगा आगे
TSB की जाँच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के तकनीकी या मानवीय कारण क्या थे। इस बीच भारतीय महावाणिज्य दूतावास पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की प्रक्रिया में परिवारों का साथ देता रहेगा। यह दुखद घटना भारतीय छात्रों की विदेश में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा को जन्म दे सकती है।