5 अक्टूबर 2026
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सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर को ₹80,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

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सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर को ₹80,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

सारांश

दिल्ली के प्रशांत विहार थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर ने आपराधिक मामले में मदद के बदले ₹1 लाख की रिश्वत माँगी — सीबीआई ने ट्रैप बिछाया और 4 अक्टूबर को ₹80,000 लेते हुए उसे रंगे हाथों दबोच लिया। उसी सप्ताह एजेंसी ने मुंबई में PNB को ₹93.44 करोड़ की ठगी के मामले में भी तलाशी चलाई।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 4 अक्टूबर 2026 को प्रशांत विहार पुलिस स्टेशन , नई दिल्ली के एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
आरोपी ने एक आपराधिक मामले में अनुकूल कार्रवाई के बदले ₹1 लाख की रिश्वत माँगी थी।
पहले चरण में ₹20,000 बलपूर्वक लिए गए; शेष ₹80,000 ट्रैप ऑपरेशन में पकड़े गए।
सीबीआई ने 3 अक्टूबर को मुंबई में भी PNB को ₹93.44 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में तलाशी ली।
PNB धोखाधड़ी मामले में हंजर बायोटेक एनर्जीज के निदेशकों पर ₹135 करोड़ के टर्म लोन के दुरुपयोग का आरोप है।
दोनों मामलों में जाँच जारी है।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के प्रशांत विहार पुलिस स्टेशन में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर एक आपराधिक मामले में अपना पक्ष लेने के बदले शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत माँगने का आरोप है।

मामले का घटनाक्रम

सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एजेंसी को सूचित किया था कि प्रशांत विहार थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले के जाँच अधिकारी (सब-इंस्पेक्टर) ने उससे मामले में अनुकूल कार्रवाई के बदले ₹1 लाख की रिश्वत माँगी थी।

शिकायत के अनुसार, पहले चरण में आरोपी ने शिकायतकर्ता की तलाशी के दौरान उसकी जेब से ₹20,000 बलपूर्वक निकाल लिए और शेष ₹80,000 अगले दिन लाने का निर्देश दिया।

सीबीआई का जाल और गिरफ्तारी

सीबीआई ने 4 अक्टूबर को एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन चलाया। आरोपी सब-इंस्पेक्टर को शिकायतकर्ता से ₹80,000 की शेष राशि माँगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। एजेंसी ने पुष्टि की है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जाँच जारी है।

सीबीआई का नागरिकों से आह्वान

सीबीआई ने एक बयान में कहा, 'भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई की सख्त कार्रवाई भ्रष्टाचार को रोकने के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। जो नागरिक भ्रष्टाचार के मामलों का सामना करते हैं या जिनसे सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करते हैं, उन्हें ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वे अपनी शिकायतें दर्ज कराने या संबंधित जानकारी साझा करने के लिए सीबीआई के कार्यालय जा सकते हैं।'

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पुलिस कर्मियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की नाराज़गी बढ़ रही है। गौरतलब है कि सीबीआई समय-समय पर ऐसे ट्रैप ऑपरेशन चलाती रहती है, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ा जाता है।

मुंबई में पीएनबी धोखाधड़ी मामले में भी कार्रवाई

इसी सप्ताह सीबीआई ने 3 अक्टूबर को मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को कथित तौर पर ₹93.44 करोड़ का नुकसान पहुँचाने वाले बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है।

एजेंसी ने 30 सितंबर को यह मामला दर्ज किया था। मामला मुंबई स्थित पीएनबी की एसएएम शाखा द्वारा हंजर बायोटेक एनर्जीज, उसके निदेशकों, गारंटरों तथा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों एवं निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है।

सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने एक संबंधित पार्टी के इनवॉइस के आधार पर ₹135 करोड़ का टर्म लोन प्राप्त किया और उस धनराशि का उपयोग स्वीकृत प्रयोजनों के बजाय अन्य कार्यों में किया गया, जिससे बैंक को ₹93.44 करोड़ का कथित नुकसान हुआ। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आगे की जाँच

दिल्ली रिश्वत मामले और मुंबई बैंक धोखाधड़ी — दोनों मामलों में सीबीआई की जाँच जारी है। एजेंसी ने संकेत दिया है कि गिरफ्तार सब-इंस्पेक्टर से पूछताछ में और नामों का खुलासा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये प्रणालीगत समाधान नहीं हैं; गिरफ्तारियाँ तभी निवारक बनती हैं जब मुकदमे शीघ्र और दोष-सिद्धि दर ऊँची हो। PNB धोखाधड़ी मामला इस बात की याद दिलाता है कि सीबीआई पर एक साथ कई मोर्चों पर काम करने का दबाव रहता है, और बड़े वित्तीय अपराधों की जाँच में बरसों लग जाते हैं।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के किस अधिकारी को गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने नई दिल्ली के प्रशांत विहार पुलिस स्टेशन में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को 4 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। उस पर एक आपराधिक मामले के जाँच अधिकारी के रूप में शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत माँगने का आरोप है।
आरोपी सब-इंस्पेक्टर को कैसे पकड़ा गया?
सीबीआई ने 4 अक्टूबर को एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹80,000 की शेष रिश्वत माँगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इससे पहले आरोपी ने तलाशी के दौरान शिकायतकर्ता से ₹20,000 बलपूर्वक ले लिए थे।
पीएनबी धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की क्या कार्रवाई हुई?
सीबीआई ने 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को कथित तौर पर ₹93.44 करोड़ का नुकसान पहुँचाने वाले बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है, जिसमें हंजर बायोटेक एनर्जीज और उसके निदेशक शामिल हैं।
पीएनबी धोखाधड़ी में आरोपियों ने क्या किया?
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने एक संबंधित पार्टी के इनवॉइस के आधार पर ₹135 करोड़ का टर्म लोन लिया और उसे स्वीकृत कार्यों के बजाय अन्य उद्देश्यों में उपयोग किया, जिससे बैंक को ₹93.44 करोड़ का कथित नुकसान हुआ। उन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
नागरिक रिश्वत के मामलों की शिकायत कैसे कर सकते हैं?
सीबीआई ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत माँगे, तो वे सीधे सीबीआई के कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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