दिल्ली में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सब-रजिस्ट्रार, सीबीआई ने दो को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के नांगलोई स्थित पंजाबी बाग के सब-रजिस्ट्रार और एक निजी व्यक्ति को ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। संपत्ति के गिफ्ट डीड (उपहार विलेख) को निष्पादित करने के एवज में यह रिश्वत शिकायतकर्ता से मांगी गई थी।
मामले का घटनाक्रम
सीबीआई के अनुसार, आरोपी सब-रजिस्ट्रार ने शिकायतकर्ता से संपत्ति के उपहार विलेख को पंजीकृत करने के बदले ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने 17 जुलाई 2026 को मामला दर्ज कर जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान सब-रजिस्ट्रार और उसके सहयोगी निजी व्यक्ति को ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।
क्यों मायने रखता है यह मामला
संपत्ति पंजीकरण कार्यालय सामान्य नागरिकों के सबसे अधिक संपर्क में आने वाले सरकारी दफ्तरों में से एक हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में भूमि और संपत्ति लेनदेन में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि सीबीआई ने हाल के महीनों में लोक सेवकों के विरुद्ध ट्रैप ऑपरेशन तेज किए हैं।
सीबीआई की कार्रवाई और प्रतिबद्धता
सीबीआई ने इस गिरफ्तारी को भ्रष्ट लोक सेवकों के विरुद्ध अपनी कड़ी कार्रवाई की नीति के तहत बताया है। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करे, तो वे तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत सीबीआई कार्यालय, एसीबी, दिल्ली, पहली मंजिल, सीबीआई बिल्डिंग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से या फोन नंबर 011-24367887 और 9650394847 पर दर्ज कराई जा सकती है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा। सीबीआई इस मामले में अन्य संभावित संलिप्तताओं की जांच भी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रैप ऑपरेशन सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को हतोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।