18 जुलाई 2026
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दिल्ली में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सब-रजिस्ट्रार, सीबीआई ने दो को किया गिरफ्तार

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दिल्ली में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सब-रजिस्ट्रार, सीबीआई ने दो को किया गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के नांगलोई-पंजाबी बाग सब-रजिस्ट्रार को सीबीआई ने 17 जुलाई को ₹80,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। गिफ्ट डीड पंजीकरण के बदले ₹1 लाख मांगे गए थे — एक सामान्य नागरिक की शिकायत ने भ्रष्टाचार का यह जाल उजागर किया।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 17 जुलाई 2026 को नांगलोई, नई दिल्ली के सब-रजिस्ट्रार और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
आरोपी सब-रजिस्ट्रार ने संपत्ति के उपहार विलेख (गिफ्ट डीड) पंजीकरण के बदले ₹1 लाख रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई के जाल में दोनों आरोपी ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए।
मामले में आगे की जांच जारी है; अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी पड़ताल हो रही है।
नागरिक शिकायत के लिए 011-24367887 या 9650394847 पर संपर्क कर सकते हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के नांगलोई स्थित पंजाबी बाग के सब-रजिस्ट्रार और एक निजी व्यक्ति को ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। संपत्ति के गिफ्ट डीड (उपहार विलेख) को निष्पादित करने के एवज में यह रिश्वत शिकायतकर्ता से मांगी गई थी।

मामले का घटनाक्रम

सीबीआई के अनुसार, आरोपी सब-रजिस्ट्रार ने शिकायतकर्ता से संपत्ति के उपहार विलेख को पंजीकृत करने के बदले ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने 17 जुलाई 2026 को मामला दर्ज कर जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान सब-रजिस्ट्रार और उसके सहयोगी निजी व्यक्ति को ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।

क्यों मायने रखता है यह मामला

संपत्ति पंजीकरण कार्यालय सामान्य नागरिकों के सबसे अधिक संपर्क में आने वाले सरकारी दफ्तरों में से एक हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में भूमि और संपत्ति लेनदेन में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि सीबीआई ने हाल के महीनों में लोक सेवकों के विरुद्ध ट्रैप ऑपरेशन तेज किए हैं।

सीबीआई की कार्रवाई और प्रतिबद्धता

सीबीआई ने इस गिरफ्तारी को भ्रष्ट लोक सेवकों के विरुद्ध अपनी कड़ी कार्रवाई की नीति के तहत बताया है। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करे, तो वे तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत सीबीआई कार्यालय, एसीबी, दिल्ली, पहली मंजिल, सीबीआई बिल्डिंग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से या फोन नंबर 011-24367887 और 9650394847 पर दर्ज कराई जा सकती है।

आगे क्या होगा

दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा। सीबीआई इस मामले में अन्य संभावित संलिप्तताओं की जांच भी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रैप ऑपरेशन सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को हतोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस मामले में उल्लेखनीय यह है कि एक सामान्य नागरिक की शिकायत ने सीबीआई को सक्रिय किया — यह दर्शाता है कि शिकायत तंत्र काम कर सकता है। असली सवाल यह है कि क्या ऐसे ट्रैप ऑपरेशन केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार को पकड़ते हैं या व्यवस्थागत सुधार भी लाते हैं। जब तक संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी नहीं होती, तब तक ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने दिल्ली में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने 17 जुलाई 2026 को नांगलोई-पंजाबी बाग के सब-रजिस्ट्रार और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इन पर आरोप है कि इन्होंने संपत्ति का उपहार विलेख (गिफ्ट डीड) पंजीकृत करने के बदले शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत मांगी और ₹80,000 लेते हुए पकड़े गए।
सीबीआई का ट्रैप ऑपरेशन कैसे काम किया?
शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने 17 जुलाई को मामला दर्ज कर जाल बिछाया। एजेंसी ने दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से ₹80,000 की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ा और तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और सीबीआई आगे की जांच कर रही है। एजेंसी मामले में अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी पड़ताल कर रही है।
अगर कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगे तो शिकायत कहाँ करें?
नागरिक सीबीआई कार्यालय, एसीबी, दिल्ली, पहली मंजिल, सीबीआई बिल्डिंग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फोन नंबर 011-24367887 और मोबाइल 9650394847 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
उपहार विलेख (गिफ्ट डीड) पंजीकरण में रिश्वत की मांग क्यों होती है?
संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया में अधिकारियों के पास विवेकाधिकार होता है, जिसका दुरुपयोग कुछ भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत वसूलने के लिए करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रक्रिया के पूर्ण डिजिटलीकरण से इस तरह के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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