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क्या सीबीआई कोर्ट ने बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को रिश्वतखोरी में सजा सुनाई?

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क्या सीबीआई कोर्ट ने बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को रिश्वतखोरी में सजा सुनाई?

सारांश

लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को 5 साल की सजा सुनाई। यह मामला 2017 में शुरू हुआ था। जानिए क्या है पूरा मामला और इसकी पृष्ठभूमि।

मुख्य बातें

बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को रिश्वतखोरी में दोषी ठहराया गया।
सीबीआई ने 2017 में मामले की जांच शुरू की थी।
दोषी को 5 साल की कैद की सजा सुनाई गई।

लखनऊ, 13 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीबीआई कोर्ट ने एक रिश्वतखोरी के मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया है। कोर्ट ने गुरुवार को दोषी ब्रांच मैनेजर को 50 हजार रुपए के जुर्माने के साथ 5 साल की कैद की सजा सुनाई।

दोषी राम स्वरूप मिश्रा अंबेडकर नगर के बसखारी शाखा में बैंक ऑफ बड़ौदा में ब्रांच मैनेजर थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 मार्च 2017 को शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया था।

आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता को बैंक ऑफ बड़ौदा की बसखारी शाखा से 'कामधेनु योजना' के तहत 20.25 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया गया था। लोन की एक आंशिक राशि शिकायतकर्ता के खाते में जमा कर दी गई थी। हालांकि, बाद में खाते पर रोक लगा दी गई थी।

इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने खाते पर रोक का कारण जानने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच में मैनेजर राम स्वरूप मिश्रा से संपर्क किया, तो ब्रांच मैनेजर ने 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद, ब्रांच मैनेजर ने हस्ताक्षरित खाली चेक के माध्यम से शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपए की रिश्वत लेने पर सहमति व्यक्त की।

इस बारे में सीबीआई को जानकारी दी गई थी। एजेंसी ने अपनी कार्रवाई करते हुए ब्रांच मैनेजर को चेक लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया और उससे चेक बरामद किया।

जांच के बाद 31 मार्च 2017 को सीबीआई की तरफ से चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के बाद गुरुवार को सीबीआई कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला हमारे देश में भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करता है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का विश्वास बहाल किया जा सके।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैंक ऑफ बड़ौदा का ब्रांच मैनेजर किस कारण से सजा पाया?
ब्रांच मैनेजर को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराया गया है।
सीबीआई ने कब इस मामले में कार्रवाई की?
सीबीआई ने 7 मार्च 2017 को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।
दोषी ब्रांच मैनेजर को कितनी सजा सुनाई गई?
दोषी ब्रांच मैनेजर को 5 साल की कैद और 50 हजार रुपए का जुर्माना किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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