सीजफायर के बाद भारतीय फ्लैग्ड जहाज जल्द होर्मुज से गुजर सकते हैं, नौसेना की स्थिति स्थिर

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सीजफायर के बाद भारतीय फ्लैग्ड जहाज जल्द होर्मुज से गुजर सकते हैं, नौसेना की स्थिति स्थिर

सारांश

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष पर सीजफायर लग गया है। भारतीय नौसेना स्थिति पर नजर रखे हुए है और जल्द ही 5-6 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर सकते हैं। यह क्षेत्र ऊर्जा व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • सीजफायर के बाद भारतीय नौसेना सक्रिय है।
  • 5 से 6 जहाज जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर सकते हैं।
  • आईएफसी-आईओआर की भूमिका महत्वपूर्ण है।
  • फारस की खाड़ी में 30 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।
  • इन घटनाओं में 10 लोगों की जान गई।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिनों तक चलने वाले भीषण संघर्ष पर अब एक अस्थायी विराम लग चुका है। दो हफ्ते के सीजफायर की सूचना ने वैश्विक स्तर पर एक राहत की लहर दौड़ा दी है। इस पूरे समय में, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज चर्चा और चिंता का प्रमुख केंद्र रहा। जहां वैश्विक ऊर्जा व्यापार बाधित हुआ, वहीं भारतीय नौसेना ने भारत के ऊर्जा व्यापार की सुरक्षा के लिए जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने में सहायता प्रदान की।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सीजफायर के बाद भी नौसेना स्थिति पर ध्यान बनाए रखे हुए है और उसकी तैनाती में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीजफायर के बाद पहले चरण में 5 से 6 जहाज जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की योजना बना रहे हैं। जहाजों के क्रू और ईरान के स्टेकहोल्डर्स के बीच वार्ता जारी है।

यह विशेष ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान में नौसेना के एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। जिस तरह से भारतीय नौसेना टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रही थी और उन्हें होर्मुज पार करने के लिए मार्गदर्शन कर रही थी, यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। संघर्ष की शुरुआत में होर्मुज के पश्चिम में 25 भारतीय फ्लैगged शिप मौजूद थे, जिनमें से अब तक 9 जहाज एक-एक कर होर्मुज पार कर चुके हैं।

भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में मरीन ट्रैफिक और जहाजों पर हमलों की निरंतर निगरानी गुरुग्राम स्थित आईएफसी-आईओआर (इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन) के माध्यम से कर रही है। यह एक समुद्री सुरक्षा केंद्र है, जिसे भारतीय नौसेना संचालित करती है। इस केंद्र से 28 देशों के कुल 76 लिंक जुड़े हुए हैं, जो संबंधित क्षेत्रों की वास्तविक समय की समुद्री स्थिति और जानकारी प्रदान करते हैं।

इस केंद्र के माध्यम से 24×7 जानकारी साझा की जाती है। इसमें समुद्री डकैती, ड्रोन हमले, अवैध गतिविधियों की निगरानी, जानकारी एकत्र करना, विश्लेषण करना और संबंधित देशों के साथ सूचना साझा करना शामिल है। वर्तमान में 14 अंतरराष्ट्रीय लियाजॉन अधिकारी इस केंद्र में तैनात हैं।

आईएफसी-आईओआर ने मंगलवार को फारस की खाड़ी के संदर्भ में 6 अप्रैल तक की एक रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार, संघर्ष शुरू होने से लेकर 6 अप्रैल तक फारस की खाड़ी से लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी तक कुल 30 घटनाएं रिपोर्ट की गईं। इनमें 23 जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 मिसाइल हमले, 3 ड्रोन हमले, 19 अज्ञात प्रोजेक्टाइल, 1 डब्ल्यूबीआईईडी, 1 संदिग्ध गतिविधि और 4 अन्य घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में कुल 10 लोगों की जान गई।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सीजफायर के बाद भी स्थिति की गंभीरता बनी हुई है। भारतीय नौसेना की सक्रियता और रणनीति इस क्षेत्र में ऊर्जा व्यापार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। हमें उम्मीद है कि बातचीत से स्थिति में सुधार होगा।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

सीजफायर के बाद भारतीय नौसेना की स्थिति क्या है?
सीजफायर के बाद भारतीय नौसेना ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और उसकी तैनाती में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कितने भारतीय फ्लैगged जहाज होर्मुज पार करने की योजना बना रहे हैं?
सीजफायर के बाद पहले चरण में 5 से 6 जहाज जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की योजना बना रहे हैं।
आईएफसी-आईओआर क्या है?
आईएफसी-आईओआर एक समुद्री सुरक्षा केंद्र है, जिसे भारतीय नौसेना संचालित करती है।
फारस की खाड़ी में कितनी घटनाएं हुई हैं?
6 अप्रैल तक फारस की खाड़ी से लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक कुल 30 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।
इन घटनाओं में कितने लोगों की जान गई?
इन घटनाओं में कुल 10 लोगों की जान गई है।
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