जनगणना-2027 के लिए नई प्रक्रिया का खाका साझा करेंगे जनगणना आयुक्त
सारांश
Key Takeaways
- जनगणना-2027 प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी।
- लिव-इन कपल को स्थिर रिश्ते के आधार पर शादीशुदा माना जाएगा।
- हाउसलिस्टिंग चरण में 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
- 30 लाख अधिकारी डेटा संग्रहण में भाग लेंगे।
- सरकार तकनीक का उपयोग कर जनगणना को सटीक बनाएगी।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना प्रक्रिया का विवरण साझा करेंगे। इस अवसर पर वे बताएंगे कि यह प्रक्रिया कैसे संपन्न की जाएगी।
भारत में पहली बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर, देश के नागरिकों को जनगणना संबंधित जानकारी प्राधिकृत व्यक्तियों को प्रदान करनी होगी। 2027 की जनगणना में एक ही घर में रहने वाले लिव-इन कपल को शादीशुदा जोड़ा मानने का निर्णय लिया गया है। यदि कपल अपने रिश्ते को स्थिर मानते हैं, तो उन्हें शादीशुदा जोड़ा माना जाएगा। यह स्पष्टीकरण पहली बार सार्वजनिक रूप से दिया गया है। इस बार लोग सेल्फ-एन्यूमरेशन के माध्यम से अपनी जनगणना करेंगे।
जनगणना के हाउसलिस्टिंग चरण में, 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच, 33 प्रश्नों के माध्यम से, घरों की सूची बनाई जाएगी। इसमें भवनों की जानकारी, निर्माण सामग्री, पेयजल, स्वच्छता, और घरेलू संपत्ति जैसे मापदंडों पर डेटा इकट्ठा किया जाएगा।
दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें नाम, आयु, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति और अन्य विवरण शामिल किए जाएंगे। इस सर्वेक्षण में बेघर व्यक्तियों को भी शामिल किया जाएगा।
इस पूरे अभियान में करीब 30 लाख प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे, जो सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। सरकार का उद्देश्य तकनीक का उपयोग करते हुए इस विशाल जनगणना को अधिक सटीक और व्यापक बनाना है।