नवरात्रि महोत्सव: 15 दिनों का अद्भुत मेला, मां बाला सुंदरी करती हैं भक्तों की हर इच्छा पूरी

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नवरात्रि महोत्सव: 15 दिनों का अद्भुत मेला, मां बाला सुंदरी करती हैं भक्तों की हर इच्छा पूरी

सारांश

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का महोत्सव शुरू हो रहा है, जिससे देवी मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यहां मां बाला सुंदरी के मंदिर में 15 दिनों का भव्य मेला भक्तों को आकर्षित करता है।

Key Takeaways

  • मां बाला सुंदरी: शक्ति और समृद्धि की देवी
  • मेला: 15 दिनों तक चलने वाला भव्य मेला
  • स्थानीय मान्यता: भक्तों की हर मुराद पूरी होती है
  • स्वयंभू पिंडी: लाला रामदास द्वारा प्राप्त
  • राजपूतों की कुलदेवी: विजय का वरदान देने वाली

नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 19 मार्च से देश भर में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है, जिसके चलते सभी देवी मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

भारत के कई मंदिरों में चैत्र नवरात्रि के आते ही मेले की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर में महामाया का देवी मां बाला सुंदरी मंदिर है, जहां 15 दिनों तक भव्य मेला आयोजित होता है।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर में स्थित मां बाला सुंदरी का मंदिर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। कहा जाता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों के पाप मिट जाते हैं। मां बाला सुंदरी को शक्ति, समृद्धि और सुरक्षा की देवी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि उनके आशीर्वाद से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है और पारिवारिक जीवन में शांति स्थापित होती है। भक्तों का मानना है कि कोई भी सच्चा भक्त मंदिर से खाली हाथ लौटता नहीं है।

मंदिर के गर्भगृह में मां की अष्टभुजी प्रतिमा और पिंडी विराजमान हैं, जो अस्त्र-शस्त्र के साथ भक्तों को बाल्यावस्था में दर्शन प्रदान करती हैं। कहा जाता है कि मां की पिंडी स्वयंभू है, जिसे भक्त लाला रामदास को नमक की बोरी में मिली थी। उन्होंने स्वप्न में आकर भक्त को मंदिर का निर्माण करने का आदेश दिया। मान्यता के अनुसार, 1573 ईस्वी में लाला रामदास नामक एक स्थानीय दुकानदार को देवी मां ने पिंडी के स्वरूप में दर्शन दिए थे। दुकानदार ने नमक की बोरी यूपी के सहारनपुर से लाकर त्रिलोकपुर में मां का मंदिर बनवाया था।

स्थानीय मान्यता के अनुसार लाला रामदास के पास मंदिर निर्माण के लिए पर्याप्त धन नहीं था, इसलिए उन्होंने सिरमौर के राजा प्रदीप प्रकाश से मदद मांगी। इसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण संभव हो सका। मंदिर का रखरखाव और जीर्णोद्धार का कार्य बाद में राजा फतेह प्रकाश और राजा रघुबीर प्रकाश ने किया। देवी मां बाला सुंदरी को राजपूतों की कुलदेवी भी माना जाता है, जो हमेशा विजय का वरदान देती हैं।

चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्त बड़ी संख्या में मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां 15 दिनों तक चलने वाला मेला भक्तों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र होता है। नौ दिनों तक मां के अद्भुत शृंगार के साथ भक्तों को दर्शन प्राप्त होते हैं।

Point of View

बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां आयोजित मेला भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

चैत्र नवरात्रि कब शुरू हो रही है?
चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है।
मां बाला सुंदरी का मंदिर कहां स्थित है?
मां बाला सुंदरी का मंदिर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर में है।
यहां मेले का आयोजन कितने दिन तक होता है?
यहां 15 दिनों तक मेले का आयोजन होता है।
मां बाला सुंदरी की पूजा क्यों की जाती है?
मां बाला सुंदरी को शक्ति, समृद्धि और सुरक्षा की देवी माना जाता है।
क्या भक्त यहां से खाली हाथ लौटते हैं?
नहीं, भक्तों का मानना है कि कोई भी सच्चा भक्त मंदिर से खाली हाथ नहीं लौटता।
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