क्या चंडीगढ़ एनसीबी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा, 4 दिन में 52 लाख रुपए की ड्रग मनी जब्त?
सारांश
Key Takeaways
- चंडीगढ़ एनसीबी ने 52 लाख रुपए की ड्रग मनी जब्त की।
- जांच में 34 लाख साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स शामिल हैं।
- एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की गई है।
- 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
चंडीगढ़, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चंडीगढ़ की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पिछले चार दिनों में ड्रग्स से जुड़े एक बड़े मामले में कुल 52 लाख रुपए जब्त किए हैं। यह जब्ती साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स की हेराफेरी और उससे मिलने वाले पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चल रही जांच के तहत की गई है।
जांच के दौरान, एम/एस आईकेओएन के एक डायरेक्टर को गिरफ्तार करने के बाद यह खुलासा हुआ कि अन्य डायरेक्टर्स और उनके सहयोगियों ने पैसे को विभिन्न स्थानों पर छुपा रखा था। उनका उद्देश्य था कि ड्रग मनी का पता न चले।
इस सूचना के आधार पर एनसीबी चंडीगढ़ ने कई स्थानों पर छापेमारी की। इन छापेमारियों और लगातार पूछताछ के चलते, दो सहयोगियों ने अपने पास रखे पैसे जमा कर दिए। कुल जब्त रकम में से 25 लाख रुपए 16 जनवरी को पकड़े गए थे और बाकी 27 लाख रुपए 19 जनवरी को जब्त किए गए। एनसीबी अब भी बाकी पैसे को ट्रेस करने और जब्त करने की कार्रवाई में लगी हुई है।
इस मामले की पूरी कहानी बहुत व्यापक है। अब तक कुल 34 लाख साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स, 10.57 लाख सीबीसीएस बोतलें, 1613 किलोग्राम कच्चा माल और 573 किलोग्राम ट्रामाडोल मिक्सचर जब्त किया जा चुका है। इसके साथ ही, 50,000 ट्रामाडोल एम्पूल और 5,000 मिडाजोलम वैयल भी जब्त हो चुके हैं। अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) भी बनाई गई है। यह टीम पता लगाने में जुटी है कि कौन लोग अभी फरार आरोपियों की मदद कर रहे हैं या अपराध से कमाई गई रकम को छुपा रहे हैं।
वहीं, चंडीगढ़ एनसीबी ने सोमवार को बताया कि पिछले चार दिनों में बड़ी रकम जब्त की गई है। मामले में पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अब भी बाकी पैसे और आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई जारी है।