क्या सुकांत मजूमदार को चंद्रिमा भट्टाचार्य का सवाल समझ में आया? टाटा सिंगूर से क्यों गई, पहले इसका जवाब दें
सारांश
Key Takeaways
- चंद्रिमा भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
- सिंगूर के लोगों का समर्थन ममता बनर्जी ने किया।
- टाटा सिंगूर से क्यों गई, यह सवाल महत्वपूर्ण है।
कोलकाता, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के सिंगूर में प्रधानमंत्री की रैली को लेकर तृणमूल कांग्रेस की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि देश ने अतीत में कई वादे सुने हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश न तो पूरे हुए हैं और न ही वास्तविकता में परिणत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहीं भी जा सकते हैं और जहां चाहें रैली कर सकते हैं, लेकिन सिंगूर की ज़मीन यह जानती है कि कठिन समय में उनके साथ कौन खड़ा था।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने स्पष्टता से कहा कि जब सिंगूर के लोग समस्याओं का सामना कर रहे थे, तब राज्य की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी थीं। उस समय ममता बनर्जी ने सिंगूर के निवासियों के हक के लिए संघर्ष किया और उनके दर्द को समझा, जिसे आज भी लोग नहीं भूले हैं।
एक अन्य मुद्दे पर, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि वह कानून मंत्री नहीं हैं, लेकिन उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया और कानून की पूरी जानकारी है। कुछ लोग शायद भ्रम में हैं। न्यायालय में कोई भी जा सकता है, इसमें उकसाने का कोई तत्व नहीं है।
उन्होंने बताया कि वह न्यायालय में सिर्फ बैठने गई थीं और वह भी पीछे की बेंच पर। उन्होंने अदालत के नियमों का सम्मान किया।
सुकांत मजूमदार के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें कहा गया था कि टाटा मोटर्स सिंगूर वापस आ सकती है, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यदि टाटा सिंगूर से चली गई थी, तो यह आरोप टीएमसी पर क्यों लगाया जा रहा है।
उन्होंने पूछा, 'टाटा' सिंगूर छोड़कर गुजरात के सानंद क्यों गई और वहां भी क्यों नहीं टिक पाई? इसका उत्तर पहले दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सुकांत मजूमदार से यह भी पूछा कि वर्ष 2006 में वह कहां थे। उस समय सिंगूर के आंदोलन के दौरान उन्हें किसी ने नहीं देखा, जबकि ममता बनर्जी लोगों के साथ हर जगह उपस्थित थीं।