चेन्नई में रेड अलर्ट वापस, पर भारी बारिश का खतरा बरकरार; NDRF की 3 टीमें तैनात
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 18 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में अत्यधिक भारी वर्षा के लिए जारी रेड अलर्ट वापस ले लिया, क्योंकि उत्तरी तमिलनाडु तट पर सक्रिय वायुमंडलीय परिसंचरण पूर्व दिशा की ओर खिसक गया है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि शहर के कई इलाकों में अभी भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है और निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम प्रणाली में बदलाव और अलर्ट की स्थिति
मौसम विभाग ने रविवार को पहले चेन्नई के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जो शनिवार को शहर के छह स्थानों पर दर्ज भारी वर्षा के बाद आया था। बाद में अपडेट जारी कर विभाग ने बताया कि परिसंचरण तंत्र के पूर्व की ओर स्थानांतरित होने से चेन्नई पर अत्यधिक भारी वर्षा का तात्कालिक खतरा कम हुआ है, जिसके चलते रेड अलर्ट को वापस लिया गया। फिर भी, शहर के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश की चेतावनी यथावत बनाए रखी गई है।
इसके अलावा, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, नीलगिरी, कोयंबटूर और थेनी जिलों के लिए भी तीव्र वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिससे इन संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन ने तैयारियाँ बढ़ा दी हैं।
उत्तर-पूर्वी मानसून और मौसमी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तमिलनाडु में अपेक्षित वर्षा नहीं की थी। इस कमी की आंशिक भरपाई अब उत्तर-पूर्वी मानसून कर रहा है, जो पिछले दो दिनों में राज्यभर में व्यापक बारिश लाया है। मौसमी बारिश की शुरुआत के बाद से चेन्नई और कई अन्य जिलों में लगातार भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में जल संचयन और बाढ़ प्रबंधन को लेकर पहले से ही जागरूकता बढ़ी हुई है।
आपातकालीन अलर्ट और प्रशासनिक तैयारी
तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (TNSDMA) ने मोबाइल फोन पर एक आपातकालीन SOS संदेश भेजा, जिसके साथ एक तेज चेतावनी टोन भी बजाई गई। इस संदेश में चेन्नई के निवासियों को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना के प्रति आगाह किया गया।
निवासियों को आधिकारिक मौसम बुलेटिन और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, आवश्यक वस्तुओं का अग्रिम प्रबंध करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई। अलर्ट में भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने का भी आग्रह किया गया।
NDRF की 90 जवानों की तैनाती
एहतियाती उपाय के तहत रविवार को अरक्कोनम से चेन्नई के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तीन टीमें भेजी गईं। प्रत्येक टीम में 30 कर्मी हैं, जिससे कुल तैनाती 90 जवानों की हो गई है। ये टीमें भारी वर्षा की स्थिति में बचाव एवं राहत अभियान चलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आगे की स्थिति
निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नज़र बनाए रखें और TNSDMA द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें। उत्तर-पूर्वी मानसून का सक्रिय चरण अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, और स्थिति के अनुसार अलर्ट में बदलाव की संभावना बनी रहेगी।