क्या आप जानते हैं लोकआस्था का महापर्व छठ किस प्रकार मनाया जाता है?

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क्या आप जानते हैं लोकआस्था का महापर्व छठ किस प्रकार मनाया जाता है?

सारांश

छठ महापर्व की धूम पूरे देश में है, जहाँ श्रद्धालु सूर्य देवता की उपासना कर रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मू और अन्य नेताओं ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। जानिए इस पर्व की विशेषताएँ और श्रद्धालुओं की आस्था।

मुख्य बातें

छठ महापर्व का महत्व: आस्था और श्रद्धा का प्रतीक।
सूर्य देवता और छठी मईया के प्रति श्रद्धा।
प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर।
लाखों श्रद्धालुओं का एकत्र होना एकता का प्रतीक।
पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा।

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आस्था, श्रद्धा और लोकसंस्कृति का प्रतीक छठ महापर्व पर देशभर में उत्साह और भक्ति का वातावरण है। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छठ महापर्व के अवसर पर आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के माध्यम से कहा, "महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं। यह त्योहार सूर्य देव और छठी मईया की उपासना करने तथा मां प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। मेरी मंगलकामना है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें तथा हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करे।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! उमंग, उत्साह और उल्लास से भरा यह महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का संचार करे। छठी मईया की कृपा सभी पर बनी रहे। जय छठी मईया!"

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने आधिकारिक 'एक्स' संदेश में कहा, "लोक आस्था और भगवान भास्कर के प्रति अगाध श्रद्धा को समर्पित छठ महापर्व की आप सभी को कोटिश: बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। यह पर्व आस्था, लोक संस्कृति, समर्पण और त्याग का अद्भुत संगम है, जो सूर्य देवता और प्रकृति के प्रति मानव के सबसे पवित्र संबंध को दर्शाता है। छठ का प्रत्येक अर्घ्य जीवन में प्रकाश, सत्य और संतुलन का संदेश देता है। मैं छठी मईया और भगवान सूर्य से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी के जीवन को सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलमय आशीर्वाद से परिपूर्ण करें। जय छठी मईया!"

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के जरिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "समस्त देशवासियों को भगवान सूर्य की उपासना के महापर्व छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं।"

वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "संध्या अर्घ्य छठ पूजा का मुख्य दिन है, जो भक्ति, श्रद्धा और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव का संदेश देता है। आज व्रती सूर्यास्त के समय घाट पर इकट्ठा होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। सभी श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सूर्य देव और छठी मईया आपके जीवन को उज्ज्वल और सुख-समृद्ध बनाएं।"

देशभर में घाटों पर लाखों श्रद्धालु आज संध्या अर्घ्य के लिए एकत्र हो रहे हैं। भक्ति, लोकगीतों और सूर्योपासना से गूंजते माहौल में छठ पर्व का उल्लास है। श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण इस पर्व को भारत की सबसे पवित्र और अद्वितीय परंपराओं में से एक बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और आस्था का पाठ पढ़ाता है। जब लाखों लोग संगठित होकर सूर्य देवता की उपासना करते हैं, तो यह सामूहिकता और एकता का प्रतीक बनता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठ महापर्व क्यों मनाया जाता है?
छठ महापर्व सूर्य देवता और छठी मईया की उपासना का पर्व है, जो प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करता है।
छठ पूजा में क्या विशेष होता है?
इस पूजा में व्रती सूर्यास्त और सूर्योदय के समय अर्घ्य देते हैं, जो आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।
छठ पूजा का महत्व क्या है?
यह पर्व आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम है, जो हमें प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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