क्या दिल्ली में छठ पूजा के बीच स्वास्थ्य संकट बढ़ रहा है? डॉ. मीरा पाठक ने दिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुझाव

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क्या दिल्ली में छठ पूजा के बीच स्वास्थ्य संकट बढ़ रहा है? डॉ. मीरा पाठक ने दिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुझाव

सारांश

छठ पूजा के अवसर पर दिल्ली में स्वास्थ्य संकट का खतरा बढ़ रहा है। डॉ. मीरा पाठक ने इस संदर्भ में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जो महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं। जानें यमुना नदी में डुबकी लगाने से पहले क्या सावधानी बरतें।

मुख्य बातें

यमुना नदी का पानी अत्यधिक प्रदूषित है।
महिलाओं को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
डुबकी लगाने से पहले तेल लगाना फायदेमंद हो सकता है।
साफ पीने का पानी साथ रखना आवश्यक है।
अधिक समय तक गीले कपड़ों में न रहें।

नई दिल्ली, २४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। छठ पूजा का त्यौहार अब करीब है और देशभर में इसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में इसकी धूम देखने को मिलती है। कई लोग अपने गाँव-घर लौट रहे हैं, जबकि कुछ लोग दिल्ली में ही इस पर्व को मनाने की योजना बना रहे हैं।

हालांकि, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण छठ पूजा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। सीनियर मेडिकल ऑफिसर और गाइनकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक ने इस दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और उनके बचाव के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

उन्होंने बताया कि छठ पूजा के दौरान महिलाएँ यमुना नदी में डुबकी लगाती हैं, जो अब अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी है। इस पानी में सीवेज, कचरा और कई प्रकार के टॉक्सिन्स मौजूद हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं। इस प्रदूषित पानी के संपर्क में आने से कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं। विशेषकर महिलाओं को इन खतरों से बचने के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

डॉ. मीरा पाठक ने कहा, "यमुना के पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी समस्याएँ जैसे कि स्किन इंफेक्शन, एलर्जी, खुजली, दाने और फोड़े हो सकते हैं। यदि गलती से पानी आँखों में चला जाए, तो उसमें रेडनेस, जलन या पानी आने की शिकायत भी हो सकती है।"

इसके अलावा, नाक या मुँह में पानी जाने से एलर्जी, खाँसी, गले में खराश जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। बुखार, पेट दर्द, उल्टी, डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी गंभीर बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

डॉ. मीरा पाठक ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि यमुना में डुबकी लगाने के बाद ज्यादा देर तक पानी में न रहें और पूजा के तुरंत बाद बाहर आ जाएं।

"डुबकी लगाने से पहले शरीर पर नारियल या सरसों का तेल या वैसलीन लगाएं। इससे त्वचा को सुरक्षा मिलेगी।" उन्होंने सलाह दी कि कोशिश करें कि शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढककर रखें ताकि पानी का संपर्क कम हो। पूजा के दौरान अपने साथ साफ पीने का पानी जरूर रखें।

दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियाँ जोरों पर हैं, लेकिन यमुना के प्रदूषित पानी के कारण स्वास्थ्य जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि छठ पूजा के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। हम सबको मिलकर इस पर्व को सुरक्षित तरीके से मनाना चाहिए, ताकि हमारी संस्कृति और परंपरा को कोई खतरा न पहुंचे।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठ पूजा के दौरान किन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?
पानी के प्रदूषण के कारण स्किन इंफेक्शन, एलर्जी, पेट संबंधी समस्याएँ, और गंभीर बीमारियाँ जैसे टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए हो सकती हैं।
क्या यमुना में डुबकी लगाना सुरक्षित है?
यमुना का पानी अत्यधिक प्रदूषित है, इसलिए इसे करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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