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क्या छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 28 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया? सरकार पुनर्वास में मदद करेगी

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क्या छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 28 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया? सरकार पुनर्वास में मदद करेगी

सारांश

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में २८ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें १९ महिलाएं और ९ पुरुष शामिल हैं। यह घटना राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। अबूझमाड़ क्षेत्र से पहले ही ४०० से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

मुख्य बातें

नारायणपुर में २८ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
सरकार द्वारा पुनर्वास की सहायता प्रदान की जाएगी।
अबूझमाड़ क्षेत्र से ४०० से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
इस घटना को नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण करने वालों में १९ महिलाएं और ९ पुरुष शामिल हैं।

नारायणपुर (छत्तीसगढ़), २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में मंगलवार को २८ नक्सलियों ने बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी, नारायणपुर एसपी रॉबिंसन गुरिया, और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से १९ महिलाएं और ९ पुरुष शामिल हैं।

सभी नक्सली लंबे समय से अबूझमाड़ डिवीजन में सक्रिय थे। इनमें से तीन ने हथियारों के साथ सरेंडर किया। इन हथियारों में एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल और एक थ्री-नॉट-थ्री गन शामिल हैं।

बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सरेंडर करने वालों में एक डिविजनल कमेटी मेंबर, एरिया कमेटी मेंबर, एक पार्टी प्रेसिडेंट कमेटी मेंबर, १४ पार्टी मेंबर और जनताना सरकार के सदस्य शामिल हैं। इन सभी २८ नक्सलियों पर कुल ८९ लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आईजी ने कहा कि सुरक्षा बलों के माड़ इलाके में लगातार बढ़ते दबाव और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली लगातार हथियार डाल रहे हैं। अबूझमाड़ को नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यह इलाका लगभग नक्सल मुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है।

पिछले दो महीनों में अबूझमाड़ क्षेत्र से ४०० से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश, स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर राजू सलाम और कई अन्य बड़े इनामी नक्सली भी शामिल हैं।

आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। जो नक्सली अभी भी जंगल में हैं, उनसे भी अपील है कि वे मुख्यधारा में लौट आएं। सरकार उनकी हर तरह से मदद करेगी।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तुरंत राहत राशि, रहने की व्यवस्था और रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास की प्रक्रिया न केवल उनके जीवन को नया मोड़ देगी, बल्कि यह समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाने में भी सहायक होगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नक्सलियों के आत्मसमर्पण का कारण क्या था?
सुरक्षा बलों के दबाव और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
सरकार नक्सलियों की मदद कैसे करेगी?
सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को राहत राशि, रहने की व्यवस्था और रोजगार के अवसर मुहैया कराएगी।
राष्ट्र प्रेस
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