क्या छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के जंगलों में पुलिस के साथ मुठभेड़ में नक्सली भागे?

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क्या छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के जंगलों में पुलिस के साथ मुठभेड़ में नक्सली भागे?

सारांश

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ ने क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सक्रियता को उजागर किया है। नक्सलियों ने सामान छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • मुठभेड़ में नक्सली सामान छोड़कर भागे।
  • पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
  • आत्मसमर्पण की अपील की गई।

गरियाबंद, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला स्थित शोभा थाना क्षेत्र के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटना हुई है। यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण दिशा में है। यह कार्यवाही नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत की गई, जो कि जिले में उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देश में निरंतर चल रही है।

पुलिस को स्थानीय खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के करीब 8 से 10 नक्सली शोभा थाना क्षेत्र के जंगलों में सक्रिय हैं। इस सूचना के आधार पर जिला पुलिस गरियाबंद की ई-30 टीम, 207 कोबरा बटालियन और 65 व 211 बटालियन सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया।

5 जनवरी 2026 की शाम, जब सुरक्षाबल शोभा क्षेत्र के जंगल में सर्च कर रहे थे, तो नक्सलियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों का उद्देश्य सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाना और उनके हथियार लूटना था। हालांकि, सुरक्षाबलों ने पूरी तत्परता के साथ जवाबी कार्रवाई की और स्थिति को संभाल लिया।

सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के दबाव में नक्सली अधिक समय तक नहीं टिक पाए। उन्होंने अपने रोजमर्रा के उपयोग का सामान मौके पर छोड़कर घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र का लाभ उठाते हुए अंधेरे में भाग निकले। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र और आसपास के जंगल में सघन सर्च अभियान चलाया।

सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से नक्सलियों द्वारा छोड़ी गई बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल अलर्ट मोड पर हैं, ताकि नक्सलियों की किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

गरियाबंद पुलिस ने जिले में सक्रिय सभी माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर आत्मसमर्पण करें और समाज की मुख्यधारा में लौटें। पुलिस ने कहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

आत्मसमर्पण से जुड़ी जानकारी या संपर्क के लिए नक्सल सेल गरियाबंद का मोबाइल नंबर 94792-27805 जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि शांति और विकास के लिए यह एक बेहतर रास्ता है।

Point of View

NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

इस मुठभेड़ में क्या हुआ?
पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें नक्सलियों ने सामान छोड़कर भागने की कोशिश की।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाया और नक्सलियों द्वारा छोड़ी गई सामग्री को नष्ट किया।
क्या नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की गई है?
जी हाँ, गरियाबंद पुलिस ने सभी माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील की है।
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