छत्तीसगढ़ पुलिस ने बड़े साइबर अपराध रैकेट का खुलासा किया, राजस्थान से चार गिरफ्तार

Click to start listening
छत्तीसगढ़ पुलिस ने बड़े साइबर अपराध रैकेट का खुलासा किया, राजस्थान से चार गिरफ्तार

सारांश

रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े साइबर रैकेट का भंडाफोड़ किया।
  • राजस्थान से चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
  • म्यूल बैंक खातों का उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
  • पुलिस ने 1,18,500 रुपए नकद बरामद किए।
  • साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता आवश्यक है।

रायपुर, १४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो 'म्यूल बैंक खातों' की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री में शामिल था।

राजस्थान से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दंतेवाड़ा लाया गया। यह कार्रवाई बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कई राज्यों के लोग प्रभावित हुए हैं।

यह गिरोह मुख्यतः सैकड़ों बैंक खातों को खरीदने और बेचने का काम करता था, जिनका उपयोग 'म्यूल अकाउंट' (बिचौलिये खातों) के तौर पर किया जाता था, जिनसे साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों से पैसे निकाले जाते थे। इन अवैध गतिविधियों के लिए आरोपियों ने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का उपयोग कर वाट्सएप अकाउंट बनाए थे।

विभिन्न साइबर घोटालों से प्राप्त धनराशि इन खातों में जमा की जाती थी और बाद में विदेश में मौजूद एटीएम से उच्च ट्रांजेक्शन लिमिट वाले डेबिट कार्ड का उपयोग करके नकद निकाली जाती थी।

दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन, और साइबर सेल के नोडल अधिकारी डीएसपी गौरव सिंह ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। इस महीने की शुरुआत में, इंस्पेक्टर संजय उरसा के नेतृत्व में बारसूर, बचेली, और गीदम पुलिस स्टेशनों की एक संयुक्त टीम को राजस्थान भेजा गया था।

वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण और आधुनिक साइबर फोरेंसिक उपकरणों की मदद से, टीम ने सफलतापूर्वक आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान अर्चित गुजराती (20, निवासी नकाश गेट, नागौर); आदिल हुसैन (24, निवासी बच्चखड़ा, नागौर); अमित वर्मा (21, निवासी गांव करीरी, जयपुर); और भूपेंद्र जांगिड़ (23, निवासी बालाजी नगर, जोधपुर) के रूप में हुई है। ये सभी राजस्थान के निवासी हैं।

पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और धोखाधड़ी के माध्यम से कमाए गए 1,18,500 रुपए नकद बरामद किए हैं। इस गिरोह के खिलाफ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की 20 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।

जांच में पता चला कि यह गिरोह मुख्य रूप से राजस्थान के नागौर क्षेत्र से संचालित हो रहा था। दंतेवाड़ा पुलिस गांवों और कस्बों में सक्रिय रूप से जागरूकता अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को बैंकिंग धोखाधड़ी, पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर होने वाले घोटालों, और ओटीपी या संदिग्ध लिंक साझा करने के खतरों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

Point of View

NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

यह साइबर रैकेट किस प्रकार का था?
यह रैकेट 'म्यूल बैंक खातों' की खरीद-बिक्री में शामिल था, जिसका उपयोग साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार आरोपियों में अर्चित गुजराती, आदिल हुसैन, अमित वर्मा, और भूपेंद्र जांगिड़ शामिल हैं।
पुलिस ने क्या सामग्री बरामद की?
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, और 1,18,500 रुपए नकद बरामद किए।
इस गिरोह के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज हुई हैं?
इस गिरोह के खिलाफ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और अन्य राज्यों में 20 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
पुलिस जागरूकता अभियान कब से चला रही है?
दंतेवाड़ा पुलिस गांवों और कस्बों में सक्रिय रूप से जागरूकता अभियान चला रही है।
Nation Press