रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर भावुक चिराग, UP में राजकीय सम्मान पर योगी का आभार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 8 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में अपने दिवंगत पिता और वरिष्ठ नेता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर गहरी भावनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पहली बार रामविलास पासवान की जयंती राजकीय सम्मान के साथ मनाने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। चिराग ने स्पष्ट किया कि पिता के निधन के छह साल बाद भी मिलने वाला यह सम्मान उनके लिए राजनीति से परे एक पुत्र के रूप में अत्यंत गौरव का विषय है।
UP में पहली बार राजकीय सम्मान, प्रतिमा की व्यवस्था
चिराग पासवान ने बताया कि उनकी पार्टी की प्रदेश इकाई की लंबे समय से यह इच्छा थी कि रामविलास पासवान के योगदान को केवल बिहार तक सीमित न रखा जाए। उत्तर प्रदेश से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा था, इसलिए यहाँ उनकी पुण्यतिथि मनाना स्वाभाविक था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी और उत्तर प्रदेश में उनकी जयंती को राजकीय सम्मान के साथ मनाने तथा प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए। चिराग ने कहा कि सीएम योगी की उपस्थिति से परिवार और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को प्रेरणा मिली है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार सरकार के साथ-साथ अन्य राज्यों के नेताओं ने भी रामविलास पासवान को याद किया, जिसके लिए चिराग ने उन सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
403 सीटों पर संगठन मजबूती की तैयारी
गठबंधन और सीट-बँटवारे को लेकर जारी अटकलों के बीच चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तैयारी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि चाहे पार्टी स्वयं किसी सीट पर लड़े, गठबंधन सहयोगी लड़े, या अकेले चुनाव का सामना करना पड़े — हर परिस्थिति में संगठन मजबूत रहे।
राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर रुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया विरोध-प्रदर्शन पर चिराग पासवान ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है और सक्रिय विपक्ष सरकार की जवाबदेही बढ़ाता है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उठाए गए सवालों के जवाब जानने का प्रयास भी विपक्ष को करना चाहिए।
चिराग ने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि यदि विपक्ष को किसी विषय पर आपत्ति है तो उसे आयोग से समय लेकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी पहले चुनाव आयोग के समक्ष सवाल उठाए थे और संतोषजनक जवाब मिले थे।
मोदी के 25 साल, अखिलेश का अयोध्या दौरा और नाना पाटेकर
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिराग पासवान ने ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक राज्य और केंद्र सरकार के नेतृत्व में सार्वजनिक सेवा में बने रहना दुर्लभ है। उन्होंने याद दिलाया कि उनके पिता भी मोदी के मंत्रिमंडल में रहे और पिछले दो वर्षों से वे स्वयं केंद्रीय मंत्रिमंडल में सेवा दे रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर चिराग ने कहा कि आस्था पूरी तरह व्यक्तिगत विषय है और किसी की धार्मिक आस्था का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्वयं को भगवान महादेव का भक्त बताते हुए कहा कि उनकी आस्था भी निजी है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजनीति विकास के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए, न कि जाति, धर्म और व्यक्तिगत आस्था जैसे विषयों पर।
अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर चिराग पासवान ने शोक जताते हुए कहा कि यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने नाना पाटेकर को हिंदी और मराठी सिनेमा की एक पूरी पहचान बताया, जिन्होंने दशकों तक अपनी अभिनय-कला से दर्शकों को प्रभावित किया। चिराग ने बताया कि मुंबई में काम के दौरान उनकी नाना पाटेकर से व्यक्तिगत मुलाकात हुई थी और उनके प्रोडक्शन हाउस ने एक फिल्म के लिए उनसे संपर्क भी किया था।
आगे क्या
उत्तर प्रदेश में रामविलास पासवान की प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जयंती को राजकीय सम्मान देने का निर्णय भविष्य में पार्टी की प्रदेश-स्तरीय उपस्थिति को नई दिशा दे सकता है। 403 सीटों पर संगठन-विस्तार की घोषणा से यह भी स्पष्ट है कि लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) अगले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से रणनीतिक तैयारी में जुट गई है।