रामविलास पासवान पुण्यतिथि: PM मोदी बोले — 'पूरा जीवन जनकल्याण को समर्पित'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2026 को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। नई दिल्ली से लेकर पटना तक, देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर पासवान को नमन किया।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका पूरा जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अथक प्रयास किए। देश के लिए उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा।'
राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि पाँच दशकों के सार्वजनिक जीवन में रामविलास पासवान ने सामाजिक न्याय, समानता और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने कहा, 'सामाजिक विषमता और भेदभाव के विरुद्ध लड़ाई में वे व्यापक सामाजिक एकजुटता के पक्षधर थे। जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण को सदैव याद किया जाएगा।'
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उनका संपूर्ण जीवन वंचित एवं पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहा और सामाजिक न्याय की दिशा में उनके प्रयास सदैव उल्लेखनीय रहेंगे।
बिहार में राजकीय समारोह का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि आगामी वर्ष से रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। उन्होंने इसे 'बिहार की धरती के इस महान सपूत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक' बताया।
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पासवान को 'समाज के वंचित वर्गों के उत्थान तथा सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित लोकप्रिय नेता' बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि पासवान ने अपने दीर्घकालिक सार्वजनिक जीवन में वंचित, शोषित और पिछड़ों की आवाज़ को मुखरता से उठाते हुए सामाजिक न्याय के लिए आजीवन कार्य किया।
पटना में श्रद्धांजलि सभा और लखनऊ आयोजन
पटना स्थित लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पासवान की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। सांसद शांभवी चौधरी ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस वर्ष पुण्यतिथि का मुख्य आयोजन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के कार्यकर्ताओं को भी पासवान को श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला और पार्टी उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है।
रामविलास पासवान की विरासत
रामविलास पासवान भारतीय राजनीति में दलित और वंचित वर्गों की आवाज़ के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने कई दशकों तक केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया और विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी। उनका निधन अक्टूबर 2020 में हुआ था। गौरतलब है कि उनके पुत्र चिराग पासवान अब LJP की कमान संभाल रहे हैं और पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।