रामविलास पासवान की पुण्यतिथि: लखनऊ श्रद्धांजलि सभा में CM योगी आदित्यनाथ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में 8 अक्टूबर 2026 को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए और स्वर्गीय पासवान को नमन किया। कार्यक्रम में पासवान की पत्नी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान को सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की सशक्त आवाज़ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों, पिछड़ों और समाज के कमज़ोर तबकों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले बिहार से उठी पासवान की आवाज़ पूरे देश में सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनी।
योगी ने कहा कि पासवान ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनके अनुसार, बिहार की जनता ने पासवान को लगातार समर्थन और सम्मान देकर संसद तक पहुँचाया।
व्यक्तिगत संस्मरण और साझा अनुभव
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें संसद में रामविलास पासवान के साथ लंबे समय तक काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पासवान भारतीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरा सम्मान रखते थे। योगी ने पासवान की सादगी, सरल व्यवहार और सभी वर्गों के प्रति संवेदनशीलता को उनकी लोकप्रियता का आधार बताया।
चिराग पासवान की सराहना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अपने पिता के मिशन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चिराग पासवान एक केंद्रीय मंत्री के रूप में जनता की आवाज़ को मज़बूती से उठा रहे हैं।
बिहार और उत्तर प्रदेश में सम्मान का संकल्प
योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'आज बिहार में उनकी पुण्यतिथि को राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है। इसके लिए मैं बिहार सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।' उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि जो सम्मान बिहार में स्वर्गीय पासवान को मिला, वैसा ही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा।
विरासत और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आज भले ही रामविलास पासवान शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, किंतु उनकी स्मृतियाँ और विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की उनकी विरासत को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह श्रद्धांजलि सभा इस बात की याद दिलाती है कि पासवान का संघर्ष और योगदान दलित-वंचित राजनीति की धुरी रहा है — और उनके पुत्र के रूप में चिराग पासवान पर अब वह विरासत आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी है।