ओडिशा CHSE 12वीं परिणाम 2025: कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.85, विज्ञान में 88.82% पास
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (CHSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का परिणाम 20 मई 2025 को घोषित किया गया, जिसमें कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.85% रहा। विद्यालय एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने भुवनेश्वर स्थित CHSE कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विज्ञान, कला, वाणिज्य और व्यावसायिक विषयों के परिणाम एक साथ सार्वजनिक किए। इस वर्ष कुल 3,98,090 नियमित और पूर्व-नियमित छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुए थे।
स्ट्रीमवार उत्तीर्ण प्रतिशत
विषयवार परिणामों में विज्ञान स्ट्रीम में उत्तीर्ण प्रतिशत 88.82% रहा, जो चारों धाराओं में सर्वाधिक है। वाणिज्य में 88.07%, कला में 84.50% और व्यावसायिक शिक्षा में 77.62% छात्र उत्तीर्ण हुए। कुल 3,41,781 छात्र सफल घोषित किए गए, जिनमें कला स्ट्रीम से 2,14,738, विज्ञान से 1,11,004, वाणिज्य से 21,393 और व्यावसायिक शिक्षा से 4,546 छात्र शामिल हैं।
जिलेवार प्रदर्शन
कला स्ट्रीम में संबलपुर जिले ने 89.48% के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि नबरंगपुर जिले का उत्तीर्ण प्रतिशत 77.14% सबसे कम रहा। विज्ञान स्ट्रीम में बालासोर जिला 96.63% के साथ शीर्ष पर रहा और कोरापुट जिले में 77.14% न्यूनतम रहा। वाणिज्य स्ट्रीम में बौध जिले ने 100% का उत्कृष्ट परिणाम दर्ज किया, जबकि बालांगीर में इसी श्रेणी में सबसे कम 77.25% रहा। व्यावसायिक शिक्षा में नबरंगपुर ने 100% उत्तीर्ण प्रतिशत हासिल किया, वहीं मलकानगिरी में यह आँकड़ा 55.22% पर रहा।
ऐतिहासिक सुधार परीक्षा की घोषणा
मंत्री नित्यानंद गोंड ने परिणाम घोषणा के साथ एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पहली बार सभी विषयों में उत्तीर्ण छात्रों को किसी एक विषय में अंक सुधार के लिए सुधार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। मंत्री के अनुसार यह कदम छात्रों को उच्च शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर स्थान दिलाने में सहायक होगा।
परीक्षा संचालन पर सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री गोंड ने राज्यभर में परीक्षाओं के सुचारू और पारदर्शी संचालन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसी भी परीक्षा केंद्र से कोई बड़ी अनियमितता या व्यवधान की सूचना नहीं मिली, जो शिक्षा प्रशासन की दृष्टि से उत्साहजनक है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या
जो छात्र परिणाम से असंतुष्ट हैं, वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। नई सुधार परीक्षा नीति के तहत उत्तीर्ण छात्रों को भी अंक बेहतर करने का मौका मिलेगा, जिसकी तिथियाँ CHSE द्वारा शीघ्र घोषित किए जाने की उम्मीद है।