क्या चुनाव आयोग ने सीपीआई के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की?

सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच संवाद बढ़ाने का प्रयास।
- 4,719 सर्वदलीय बैठकें, जिसमें 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- सीपीआई के प्रतिनिधिमंडल से महत्वपूर्ण सुझावों की चर्चा।
- राजनीतिक दलों के साथ रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना।
- चुनाव आयोग की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देना।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चुनावी प्रक्रिया में सुधार हेतु लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है। इस क्रम में, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया।
ईसीआई के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने गुरुवार को नई दिल्ली में चुनावी भवन में सीपीआई के महासचिव डी. राजा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। इस दौरान आयोग के सामने कई सुझाव प्रस्तुत किए गए।
चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि पिछले 150 दिनों में, ईसीआई ने विभिन्न स्तरों पर कुल 4,719 सर्वदलीय बैठकें आयोजित की हैं। इनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) की 40, जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की 800 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की 3,879 बैठकें शामिल हैं। इन बैठकों में 28,000 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय दलों के नेताओं के साथ 21 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया है, जिनमें भाजपा, बसपा, टीएमसी और आम आदमी पार्टी जैसे प्रमुख दल शामिल हैं।
यह बैठकें चुनाव आयोग द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के साथ की जा रही चर्चाओं का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना और नेताओं को उनकी चिंताओं और सुझावों को सीधे आयोग के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करना है।
यह पहल आयोग के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जो मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत सभी हितधारकों के साथ मिलकर चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
इससे पहले, चुनाव आयोग ने 21 अगस्त को जनता दल (सेक्युलर) के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की थी। इस अवसर पर उन्होंने आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी ने बीजू जनता दल (बीजद) के प्रतिनिधिमंडल से भी संवाद किया था।