मेघालय की पाक विरासत अब देशभर में: 'सिटी इन योर सिटी' और 'फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल' के ज़रिए 14 खाद्य कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय पर्यटन और मेघालयन एज ने 'सीटी मूवमेंट' के साथ साझेदारी में दो अनूठी पहलों — 'सिटी इन योर सिटी' और 'फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल' — के माध्यम से राज्य की पाक कला विरासत को अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक पूरे भारत में फैलाने का संकल्प लिया है। इन दोनों पहलों के अंतर्गत देशभर के प्रमुख शहरों में 14 खाद्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य मेघालय की स्वदेशी सामग्रियों, पारंपरिक पाक कला और खाद्य समुदायों को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाना है।
शुभारंभ और कार्यक्रम की रूपरेखा
इस श्रृंखला की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में 'ट्राइबल एक्सप्रेशंस' नामक आयोजन से होगी, जो 'सिटी इन योर सिटी' पहल के तहत आयोजित किया जाएगा। यह शाम खासी, गारो और जयंतिया जनजातियों की स्वदेशी खाद्य संस्कृतियों को समर्पित होगी, जिसमें पारंपरिक सामग्रियों, क्षेत्रीय रसोई तकनीकों और भोजन से जुड़ी कहानियों के ज़रिए मेघालय के स्वाद को जीवंत किया जाएगा। बेंगलुरु के बाद यह पहल दिल्ली एनसीआर, मुंबई और कोलकाता का भी दौरा करेगी।
'फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल' एक भिन्न किंतु पूरक दृष्टिकोण अपनाता है — इसमें बारबेक्यू, लाइव-फायर कुकिंग, संगीत और सामुदायिक गतिविधियों के संयोजन से एक बड़े सार्वजनिक उत्सव का माहौल तैयार किया जाएगा। यह पहल हैदराबाद, बेंगलुरु, गोवा, मुंबई और गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी।
पाक कला के दूत: मेघालय के शेफ और विशेषज्ञ
इन आयोजनों में मेघालय के प्रतिभाशाली रसोइयों और पाक कला विशेषज्ञों का एक विशेष दल भाग लेगा। मास्टरशेफ इंडिया सीजन 8 की प्रथम उपविजेता और मेघालय की सांस्कृतिक एवं पाक कला राजदूत शेफ नम्बी जेसिका मारक इस दल का नेतृत्व करेंगी। उनके साथ शेफ अहमदकी लालू, बेनी पाइआ डोनडोर वांखर, एडोनिजा लिंगदोह, रूबेन जमाल सूटिंग और फूफू पामेई भी शामिल होंगे।
'फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल' में पिटमास्टर और बारबेक्यू विशेषज्ञ क्रिस्टोफर फर्नांडेस और वास्को अल्वारेस, तथा आतिथ्य उद्यमी रिजवान अमलानी की भागीदारी रहेगी। प्रसिद्ध रेस्तरां रिनसन और शाद स्काई के साथ-साथ मायलीम क्षेत्र के पारंपरिक रसोइये भी विशेष प्रदर्शनों में मेघालय की स्वदेशी सामग्रियों और पाक परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे।
सरकार और आयोजकों की प्रतिक्रिया
मेघालय पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा, 'मेघालय की पाक कला विरासत को पूरे भारत के शहरों तक ले जाकर हम सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अपनी स्वदेशी सामग्रियों, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय प्रतिभा को अधिक पहचान दिलाने के लिए एक मंच तैयार कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय समुदाय इस पूरी पहल के केंद्र में बने रहेंगे।
द बिग फोर्कर्स के सिड मेवारा ने कहा कि 'सिटी इन योर सिटी' खोज के लिए एक अंतरंग माहौल तैयार करता है, जबकि 'फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल' इस अनुभव को व्यापक जनमानस तक पहुँचाता है। प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने इस अवसर पर कहा कि किसी स्थान को समझने का सबसे व्यक्तिगत तरीका भोजन है, और मेघालय की पाक परंपराएँ भूमि, समुदायों और पीढ़ियों से चले आ रहे ज्ञान से गहराई से जुड़ी हैं।
व्यापक महत्त्व और आगे की राह
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर भारत के राज्य अपनी पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के प्रयासों में तेज़ी ला रहे हैं। मेघालय की खाद्य संस्कृति — जिसमें स्मोक्ड मीट, बाँस-आधारित व्यंजन और जंगली जड़ी-बूटियाँ विशेष स्थान रखती हैं — अब तक मुख्यधारा की पाक चर्चाओं में अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व पाती रही है। ये दोनों पहलें उस अंतर को पाटने का प्रयास करती हैं। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम मेघालय को एक विशिष्ट पाक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।