मेघालय: MPOWER कार्यक्रम के तहत पूर्वी खासी हिल्स के 31 स्कूलों में डिजिटल शिक्षा का पायलट प्रोजेक्ट
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के 31 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को मेघालय किशोर कल्याण, सशक्तिकरण और लचीलापन कार्यक्रम (MPOWER) के अंतर्गत डिजिटल एवं इंटरैक्टिव शिक्षा की दिशा में एक व्यापक पायलट पहल से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने 25 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी। यह पहल ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के विद्यालयों को समेटती है और राज्य की शिक्षा व्यवस्था में प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक एकीकरण का एक प्रमुख प्रयोग है।
पायलट परियोजना का दायरा और उद्देश्य
इस पायलट चरण में शामिल 31 विद्यालय पूर्वी खासी हिल्स के विभिन्न परिवेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यह आकलन करना है कि डिजिटल और मिश्रित (blended) शिक्षा पद्धतियों को विभिन्न स्कूली वातावरणों में किस हद तक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। साथ ही, प्रौद्योगिकी को रोज़मर्रा के कक्षा शिक्षण का एक स्वाभाविक और व्यावहारिक हिस्सा बनाना भी इसका लक्ष्य है।
इस साझेदारी के तहत कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान में डिजिटल शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। छात्रों को इंटरैक्टिव और अनुकूलनीय सामग्री के साथ-साथ प्रौद्योगिकी-आधारित उपकरण भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे अपनी गति एवं सुविधा के अनुसार सीख और अभ्यास कर सकें।
CK-12 प्लेटफॉर्म और AI ट्यूटर 'फ्लेक्सी'
मेघालय सरकार के शिक्षा विभाग के सहयोगी कार्यक्रम के तहत CK-12 लर्निंग प्लेटफॉर्म इस पहल का तकनीकी आधार बनेगा। इस प्लेटफॉर्म ने 47 शिक्षकों और 4 स्कूल प्रधानाचार्यों को इंटरैक्टिव संसाधनों, डिजिटल उपकरणों और व्यावहारिक कक्षा अनुप्रयोगों सहित प्रशिक्षण प्रदान किया है।
इस प्लेटफॉर्म में फ्लेक्सी नामक एक AI-संचालित ट्यूटर भी शामिल है, जो छात्रों को चरण-दर-चरण मार्गदर्शन और व्यक्तिगत सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। शिक्षकों को AI-आधारित उपकरणों और डेटा-संचालित जानकारियों की मदद से शिक्षण गतिविधियाँ तैयार करने और उन छात्रों की पहचान करने का अवसर मिलेगा जिन्हें अतिरिक्त समर्थन की ज़रूरत है।
सरकार और MPOWER की भूमिका
MPOWER परियोजना निदेशक संपथ कुमार ने कहा कि प्रौद्योगिकी अधिगम को अधिक सुलभ, आकर्षक और छात्र-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग छात्रों और शिक्षकों को इंटरैक्टिव डिजिटल संसाधनों के करीब लाएगा और पारंपरिक कक्षा शिक्षण का पूरक बनेगा।
MPOWER इस पहल में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) अवसंरचना — उपकरण और कनेक्टिविटी सहित — सुनिश्चित करेगा, पायलट प्रोजेक्ट की निगरानी और मूल्यांकन करेगा तथा समय-समय पर परिणामों की समीक्षा करेगा। मेघालय सरकार का शिक्षा विभाग सभी 31 विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का दायित्व संभालेगा।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। गणित और विज्ञान में वैचारिक समझ तथा रुचि को मजबूत करने के साथ-साथ, इस कार्यक्रम से शिक्षकों को डेटा-आधारित शिक्षण विधियाँ अपनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यदि पायलट चरण अपेक्षित परिणाम देता है, तो इसे मेघालय के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जा सकता है — जो राज्य की शिक्षा नीति में एक दीर्घकालिक बदलाव का संकेत होगा।