झारखंड: साहिबगंज में पीएमश्री योजना से शिक्षा में हो रहा है व्यापक बदलाव
सारांश
Key Takeaways
- स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य
- शिक्षकों को नई तकनीक का प्रशिक्षण
- छात्रों में रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
- परीक्षा परिणामों में सुधार
साहिबगंज, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के साहिबगंज जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएमश्री स्कूल योजना के तहत सरकारी विद्यालयों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे देश के चयनित स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर उन्हें मॉडल स्कूल के रूप में स्थापित करना है।
इस क्रम में, जिले में कुल 14 पीएमश्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें मिर्जाचौकी उत्क्रमित हाई स्कूल को भी पीएमश्री उत्क्रमित हाई स्कूल के रूप में शामिल किया गया है। सरकार का यह प्रयास है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण प्रदान किया जाए।
पीएमश्री स्कूलों में छात्रों को अब स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षित परिसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही, शिक्षकों को नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई का स्तर और प्रभावी हो सके। इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें बच्चों में रचनात्मकता, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन बदलावों से छात्र-छात्राओं में उत्साह और सीखने की रुचि बढ़ी है।
मिर्जाचौकी स्थित पीएमश्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक रजनीकांत द्विवेदी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएमश्री विद्यालयों की स्थापना की गई, जिसमें उनके विद्यालय को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के 14 स्कूलों को यह दर्जा मिला है और यहां के छात्र खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, एजुकेशनल टूर के माध्यम से बच्चों को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है, जिससे उनका ज्ञान और अनुभव दोनों बढ़ता है।
विद्यालय के शिक्षक चंदन कुमार ने कहा कि पीएमश्री योजना विद्यालयों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इससे संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी है और बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है। पहले जहां संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होती थी, अब पठन-पाठन का कार्य अधिक सुचारु रूप से हो रहा है, जिससे परीक्षा परिणाम भी बेहतर हुए हैं।
छात्र-छात्राओं ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया।
एक छात्रा ने कहा कि वर्ष 2024 में स्कूल के पीएमश्री बनने के बाद यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और शिक्षक पढ़ाई के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। स्कूल में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। कक्षा 10वीं की छात्रा पीहू कुमारी ने बताया कि स्कूल में अब खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन नियमित रूप से होता है, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
वहीं, छात्रा सिमरन कुमारी ने कहा कि शिक्षक सभी बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और पीएमश्री बनने के बाद विद्यालय में काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।