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मेघालय पर्यटन को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बढ़ावा, केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने जताया विदेशी पर्यटकों की वृद्धि का भरोसा

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मेघालय पर्यटन को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बढ़ावा, केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने जताया विदेशी पर्यटकों की वृद्धि का भरोसा

सारांश

केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने शिलांग में मेघालय की जैव-विविधता, पारंपरिक संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को वैश्विक मंचों पर प्रचारित करने की बात कही। उनका दावा है कि सही रणनीति से राज्य एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य बन सकता है और आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने 19 सितंबर 2026 को शिलांग में मेघालय में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने का भरोसा जताया।
मेघालय की जैव-विविधता, जीवित जड़ों से बने पुल, पारंपरिक कला और स्थानीय कपड़े इसे विशिष्ट पर्यटन गंतव्य बनाते हैं।
केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को बहु-स्तरीय प्रयासों से बढ़ावा दे रही है।
राज्य की खासियतों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर ढंग से प्रचारित करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
मार्गेरिटा ने पर्यटन प्रोत्साहन और विकास पहलों में आपसी तालमेल को दीर्घकालिक सफलता की कुंजी बताया।

केंद्रीय विदेश एवं कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने 19 सितंबर 2026 को शिलांग में कहा कि आने वाले वर्षों में मेघालय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने राज्य की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अभी तक पूरी तरह न भुनाई गई पर्यटन क्षमता को इस संभावना की आधारशिला बताया।

मेघालय की अनूठी पर्यटन क्षमता

मंत्री मार्गेरिटा ने मेघालय को दुनिया की सर्वाधिक आकर्षक पर्यटन स्थलों में गिनाते हुए कहा कि यह पूर्वोत्तर राज्य केवल हरी-भरी पहाड़ियों और मनोरम दृश्यों तक सीमित नहीं है। उन्होंने राज्य की समृद्ध जैव-विविधता, विविध वनस्पति एवं जीव-जंतु, पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को मिलाकर इसे एक 'विशिष्ट पर्यटन पैकेज' बताया। मेघालय अपने जीवित जड़ों से निर्मित पुलों, झरनों और घुमावदार पहाड़ियों के लिए वैश्विक स्तर पर पहचाना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रचार की जरूरत

मार्गेरिटा ने रेखांकित किया कि मेघालय की विशिष्टताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए जाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, सही रणनीति और समन्वित प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में कार्यरत है।

केंद्र सरकार की भूमिका और प्रतिबद्धता

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार मेघालय और समग्र पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए बहु-स्तरीय प्रयास कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में पर्यटन से जुड़े विकास परियोजनाओं को केंद्र का निरंतर समर्थन मिलता रहेगा। मार्गेरिटा ने यह भी कहा कि पर्यटन प्रोत्साहन और अवसंरचना विकास की पहलों में आपसी तालमेल सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा, तभी दीर्घकालिक परिणाम मिल सकेंगे।

पर्यटन के विविध आयाम

मेघालय में पर्यटन की संभावनाएँ प्रकृति-आधारित पर्यटन, सांस्कृतिक अनुभव और पारंपरिक शिल्प तक विस्तृत हैं। गौरतलब है कि राज्य में आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या पहले से ही उल्लेखनीय रही है, किंतु विदेशी पर्यटकों की भागीदारी अपेक्षाकृत सीमित रही है — और इसी अंतर को पाटने पर अब जोर दिया जा रहा है।

आगे की राह

मंत्री मार्गेरिटा ने उम्मीद जताई कि मेघालय के प्राकृतिक परिदृश्यों, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय विरासत के सतत प्रचार-प्रसार से आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों की आमद में पर्याप्त वृद्धि दर्ज होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हवाई संपर्क और बुनियादी ढाँचे में सुधार के साथ-साथ डिजिटल प्रचार को भी गति दी जाए, तो मेघालय के लिए वैश्विक पर्यटन क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाना संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस प्रकार के वक्तव्य अक्सर ठोस रोडमैप के बिना आते हैं। असली सवाल यह है कि हवाई संपर्क, होटल अवसंरचना और वीज़ा सुविधाओं में वास्तविक सुधार के बिना अंतरराष्ट्रीय प्रचार कितना कारगर होगा। पूर्वोत्तर के कई राज्यों में पर्यटन की 'अपार संभावनाएँ' वर्षों से चर्चा में हैं, फिर भी विदेशी पर्यटकों की हिस्सेदारी राष्ट्रीय औसत से नीचे बनी हुई है। बिना मापन योग्य लक्ष्यों और समयबद्ध योजना के, यह उद्घोषणा भी उसी श्रृंखला में जुड़ने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय में विदेशी पर्यटकों की संख्या क्यों बढ़ने की उम्मीद है?
केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा के अनुसार, मेघालय की जैव-विविधता, जीवित जड़ों से बने पुल, पारंपरिक कला एवं संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य इसे एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय गंतव्य बनाते हैं। इन विशेषताओं को वैश्विक मंचों पर प्रचारित करने से विदेशी पर्यटकों की रुचि बढ़ सकती है।
केंद्र सरकार मेघालय के पर्यटन के लिए क्या कर रही है?
केंद्र सरकार मेघालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बहु-स्तरीय प्रयास कर रही है। इनमें पर्यटन विकास परियोजनाओं को समर्थन देना और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार को तेज़ करना शामिल है।
मेघालय में पर्यटन के कौन-से प्रमुख आकर्षण हैं?
मेघालय में जीवित जड़ों से बने पुल, झरने, घुमावदार पहाड़ियाँ, समृद्ध जैव-विविधता, पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, स्थानीय हस्तशिल्प और अनूठी जीवनशैली प्रमुख आकर्षण हैं। यह राज्य प्रकृति-आधारित और सांस्कृतिक पर्यटन दोनों के लिए उपयुक्त है।
मेघालय को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य बनाने में क्या चुनौतियाँ हैं?
हवाई संपर्क की सीमितता, होटल अवसंरचना की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम जागरूकता मुख्य चुनौतियाँ हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढाँचे और डिजिटल प्रचार में एक साथ निवेश जरूरी होगा।
पूर्वोत्तर भारत के पर्यटन पर केंद्र सरकार का ध्यान क्यों बढ़ा है?
पूर्वोत्तर की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए केंद्र सरकार की प्राथमिकता बढ़ी है। यह क्षेत्र घरेलू पर्यटन में तो सक्रिय रहा है, लेकिन विदेशी पर्यटकों की हिस्सेदारी बढ़ाने की अभी भी काफी गुंजाइश है।
राष्ट्र प्रेस
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