मेघालय सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कार्यक्रमों में CM-मंत्रियों का सम्मान बंद, अब आम नागरिक होंगे सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय सरकार ने 30 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक प्रशासनिक निर्देश जारी करते हुए राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के सम्मान समारोह पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके स्थान पर अब प्रत्येक आधिकारिक कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से दो से तीन आम नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। यह निर्देश कार्मिक और प्रशासनिक सुधार (ए) विभाग के एक सर्कुलर के माध्यम से जारी किया गया है।
सर्कुलर में क्या है
सचिव इसावांडा लालू के हस्ताक्षर से जारी इस सर्कुलर के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों या किसी वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारी को माला पहनाने, शॉल ओढ़ाने या किसी अन्य रूप में औपचारिक सम्मान नहीं दिया जाएगा। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि इसका एकमात्र अपवाद वे आधिकारिक कार्यक्रम होंगे जिनमें कोई केंद्रीय मंत्री या विदेशी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हो, जहाँ पारंपरिक कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत ऐसे सम्मान की आवश्यकता हो सकती है।
नागरिक-केंद्रित बदलाव की रूपरेखा
नए दिशानिर्देशों के तहत सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक आधिकारिक कार्यक्रम में जनता के दो या तीन सदस्यों को सम्मानित करें। ये वे नागरिक होंगे जिन्होंने अपने समाज या समुदाय में सार्थक योगदान दिया हो। सर्कुलर में यह भी उल्लेख है कि यदि आयोजक उचित समझें, तो चुने गए नागरिकों को सभा को संक्षेप में संबोधित करने का अवसर भी दिया जा सकता है। यह कदम सरकारी आयोजनों को राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय जन-भागीदारी का मंच बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है।
प्रशासनिक दक्षता पर असर
अधिकारियों के अनुसार, संशोधित प्रोटोकॉल से आधिकारिक कार्यक्रमों की कार्यवाही सुव्यवस्थित होगी। वर्तमान में सम्मान समारोहों में अत्यधिक समय व्यतीत होता है, जिससे कार्यक्रम का मूल उद्देश्य पीछे रह जाता है। नए निर्देश से यह समय बचेगा और कार्यक्रम के विषय तथा जन-भागीदारी पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। गौरतलब है कि यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में सरकारी आयोजनों में VIP-केंद्रित संस्कृति को लेकर आलोचनाएँ होती रही हैं।
लागू होने की प्रक्रिया
सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया है कि वे नए दिशानिर्देशों को तत्काल प्रभाव से सख्ती के साथ लागू करें और भविष्य में राज्य-प्रायोजित सभी कार्यक्रमों में संशोधित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें। मेघालय भर में आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित करने वाले सरकारी विभागों को अपने कार्यक्रम-शेड्यूल को कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप पुनर्गठित करना होगा। इस नीतिगत बदलाव से मेघालय में शासन की संस्कृति में एक नई दिशा स्थापित होने की उम्मीद है।