31 जुलाई 2026
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मेघालय सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कार्यक्रमों में CM-मंत्रियों का सम्मान बंद, अब आम नागरिक होंगे सम्मानित

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मेघालय सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कार्यक्रमों में CM-मंत्रियों का सम्मान बंद, अब आम नागरिक होंगे सम्मानित

सारांश

मेघालय सरकार ने VIP-केंद्रित सम्मान संस्कृति को तोड़ते हुए एक साहसिक कदम उठाया है — अब सरकारी कार्यक्रमों में CM और मंत्रियों की जगह आम नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। कार्मिक विभाग का यह सर्कुलर तत्काल प्रभाव से लागू है और केवल केंद्रीय मंत्री या विदेशी अतिथि की उपस्थिति में अपवाद है।

मुख्य बातें

मेघालय सरकार ने 30 जुलाई 2026 से सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के सम्मान समारोह पर तत्काल रोक लगाई।
अब प्रत्येक आधिकारिक कार्यक्रम में दो से तीन आम नागरिकों को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
निर्देश कार्मिक और प्रशासनिक सुधार (ए) विभाग के सर्कुलर के माध्यम से, सचिव इसावांडा लालू के हस्ताक्षर से जारी हुआ।
अपवाद केवल उन कार्यक्रमों के लिए है जिनमें केंद्रीय मंत्री या विदेशी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हों।
सभी प्रशासनिक विभागों को कार्यक्रम-शेड्यूल तत्काल प्रभाव से संशोधित प्रोटोकॉल के अनुरूप पुनर्गठित करने का निर्देश दिया गया।

मेघालय सरकार ने 30 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक प्रशासनिक निर्देश जारी करते हुए राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के सम्मान समारोह पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके स्थान पर अब प्रत्येक आधिकारिक कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से दो से तीन आम नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। यह निर्देश कार्मिक और प्रशासनिक सुधार (ए) विभाग के एक सर्कुलर के माध्यम से जारी किया गया है।

सर्कुलर में क्या है

सचिव इसावांडा लालू के हस्ताक्षर से जारी इस सर्कुलर के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों या किसी वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारी को माला पहनाने, शॉल ओढ़ाने या किसी अन्य रूप में औपचारिक सम्मान नहीं दिया जाएगा। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि इसका एकमात्र अपवाद वे आधिकारिक कार्यक्रम होंगे जिनमें कोई केंद्रीय मंत्री या विदेशी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हो, जहाँ पारंपरिक कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत ऐसे सम्मान की आवश्यकता हो सकती है।

नागरिक-केंद्रित बदलाव की रूपरेखा

नए दिशानिर्देशों के तहत सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक आधिकारिक कार्यक्रम में जनता के दो या तीन सदस्यों को सम्मानित करें। ये वे नागरिक होंगे जिन्होंने अपने समाज या समुदाय में सार्थक योगदान दिया हो। सर्कुलर में यह भी उल्लेख है कि यदि आयोजक उचित समझें, तो चुने गए नागरिकों को सभा को संक्षेप में संबोधित करने का अवसर भी दिया जा सकता है। यह कदम सरकारी आयोजनों को राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय जन-भागीदारी का मंच बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है।

प्रशासनिक दक्षता पर असर

अधिकारियों के अनुसार, संशोधित प्रोटोकॉल से आधिकारिक कार्यक्रमों की कार्यवाही सुव्यवस्थित होगी। वर्तमान में सम्मान समारोहों में अत्यधिक समय व्यतीत होता है, जिससे कार्यक्रम का मूल उद्देश्य पीछे रह जाता है। नए निर्देश से यह समय बचेगा और कार्यक्रम के विषय तथा जन-भागीदारी पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। गौरतलब है कि यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में सरकारी आयोजनों में VIP-केंद्रित संस्कृति को लेकर आलोचनाएँ होती रही हैं।

लागू होने की प्रक्रिया

सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया है कि वे नए दिशानिर्देशों को तत्काल प्रभाव से सख्ती के साथ लागू करें और भविष्य में राज्य-प्रायोजित सभी कार्यक्रमों में संशोधित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें। मेघालय भर में आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित करने वाले सरकारी विभागों को अपने कार्यक्रम-शेड्यूल को कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप पुनर्गठित करना होगा। इस नीतिगत बदलाव से मेघालय में शासन की संस्कृति में एक नई दिशा स्थापित होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन होगी — क्योंकि भारत में ऐसे सुधारी निर्देश अक्सर कागज़ों पर ही रह जाते हैं। यह कदम उस व्यापक प्रवृत्ति के विपरीत है जिसमें राज्य सरकारें अपने नेताओं के सार्वजनिक प्रदर्शन को बढ़ावा देती हैं। ध्यान देने योग्य है कि 'नागरिक सम्मान' की परिभाषा और चयन-प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं की गई है — यदि यह चयन भी राजनीतिक हुआ, तो सुधार की भावना खोखली साबित होगी। इस नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विभाग स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से नागरिकों का चयन करते हैं या नहीं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय सरकार ने सम्मान समारोह पर रोक क्यों लगाई?
मेघालय सरकार का उद्देश्य सरकारी कार्यक्रमों को VIP-केंद्रित संस्कृति से हटाकर नागरिक-केंद्रित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से आम नागरिकों के सामाजिक योगदान को सार्वजनिक मान्यता मिलेगी और कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य सामने आएगा।
नए नियम के तहत सरकारी कार्यक्रमों में किसे सम्मानित किया जाएगा?
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक आधिकारिक कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से दो से तीन आम नागरिकों को उनके सामुदायिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। इन नागरिकों को सभा को संक्षेप में संबोधित करने का अवसर भी दिया जा सकता है।
क्या इस नियम में कोई अपवाद है?
हाँ, एकमात्र अपवाद वे कार्यक्रम हैं जिनमें कोई केंद्रीय मंत्री या विदेशी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हो। ऐसे अवसरों पर पारंपरिक कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत सम्मान की अनुमति रहेगी।
यह निर्देश कब से लागू हुआ और इसे किसने जारी किया?
यह निर्देश 30 जुलाई 2026 को तत्काल प्रभाव से लागू हुआ। इसे कार्मिक और प्रशासनिक सुधार (ए) विभाग के सचिव इसावांडा लालू के हस्ताक्षर से जारी सर्कुलर के माध्यम से सभी प्रशासनिक विभागों को भेजा गया।
इस बदलाव से मेघालय के सरकारी विभागों पर क्या असर पड़ेगा?
मेघालय के सभी सरकारी विभागों को अपने कार्यक्रम-शेड्यूल को संशोधित प्रोटोकॉल के अनुरूप तत्काल पुनर्गठित करना होगा। इससे कार्यक्रमों में औपचारिक कार्यवाही में लगने वाला समय कम होगा और कार्यक्रम के उद्देश्य पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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