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मेघालय सरकार ने मंत्रियों-विधायकों के विदेश दौरों पर छह महीने की रोक लगाई, 8 कार्यक्रम टले

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मेघालय सरकार ने मंत्रियों-विधायकों के विदेश दौरों पर छह महीने की रोक लगाई, 8 कार्यक्रम टले

सारांश

मेघालय सरकार ने मितव्ययिता की नई मिसाल पेश करते हुए मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के सभी सरकारी विदेश दौरों पर छह महीने की रोक लगा दी है। इससे 7 देशों में प्रस्तावित 8 अध्ययन कार्यक्रम टल गए, जिनमें 63 से 68 अधिकारी शामिल थे।

मुख्य बातें

मेघालय सरकार ने मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों के सरकारी खर्च पर सभी विदेश दौरों पर छह महीने की रोक लगाई।
विभिन्न विभागों के 63 से 68 अधिकारियों से जुड़े 8 प्रस्तावित विदेशी अध्ययन दौरे और एक्सपोजर कार्यक्रम टाल दिए गए।
टाले गए दौरों में यूके, डेनमार्क, अमेरिका, जापान, थाईलैंड, वियतनाम और अर्जेंटीना शामिल थे।
रोक भारत सरकार या बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित दौरों पर लागू नहीं होगी।
सरकार ने कहा कि प्रतिबंध अवधि में वर्चुअल जुड़ाव और तकनीकी साझेदारी के ज़रिए सहयोग जारी रहेगा।

मेघालय सरकार ने मितव्ययिता अभियान के तहत मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों की सरकारी खर्च पर होने वाली सभी विदेश यात्राओं पर छह महीने के लिए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह निर्णय सार्वजनिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और विकास प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले के परिणामस्वरूप विभिन्न विभागों के लगभग 63 से 68 अधिकारियों और प्रतिनिधियों से जुड़े आठ प्रस्तावित विदेशी अध्ययन दौरे और एक्सपोजर कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए गए हैं। टाले गए कार्यक्रम गवर्नेंस, पशुधन विकास, जलवायु-अनुकूल जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों, परियोजना कार्यान्वयन, पर्यावरण प्रबंधन और चुनावी प्रशासन जैसे विषयों से संबंधित थे।

इन दौरों में जिन देशों की यात्रा प्रस्तावित थी, उनमें यूनाइटेड किंगडम, डेनमार्क, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, थाईलैंड, वियतनाम और अर्जेंटीना शामिल थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि इस कदम को अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव या ज्ञान-साझेदारी से पीछे हटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि यह केवल सरकारी खर्च पर होने वाले विदेशी दौरों पर अस्थायी विराम है, और राज्य की गवर्नेंस प्राथमिकताओं पर ध्यान बनाए रखने की कोशिश है। सरकार का कहना है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान वर्चुअल जुड़ाव, तकनीकी साझेदारी और सहयोग के अन्य माध्यमों से अंतरराष्ट्रीय सीख और सहयोग जारी रहेगा।

किन दौरों पर नहीं लागू होगी रोक

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अधिसूचना उन विदेशी दौरों पर लागू नहीं होती जो पूरी तरह भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं या बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा प्रायोजित हैं। ऐसे दौरों के लिए विदेश मंत्रालय और अन्य सक्षम अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी मिलने पर विचार किया जाता रहेगा।

आम जनता पर असर

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं — बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी मुद्रा संसाधनों पर दबाव — के बीच देश भर की राज्य सरकारें वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दे रही हैं। राज्य सरकार का तर्क है कि इस निर्णय से बचाए गए संसाधन प्राथमिकता वाले विकास क्षेत्रों और कल्याणकारी पहलों की ओर मोड़े जाएंगे।

क्या होगा आगे

छह महीने की इस रोक की समीक्षा अवधि पूरी होने पर की जाएगी। सरकार ने जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के साथ विकास प्राथमिकताओं में संतुलन बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और किफायती तरीकों से अंतरराष्ट्रीय सहयोग व क्षमता निर्माण के अवसर तलाशने का भरोसा दिलाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बचाई गई राशि वास्तव में कितनी होगी और क्या उसे सार्वजनिक रूप से जवाबदेह तरीके से खर्च किया जाएगा। छोटे राज्यों में अध्ययन दौरों की लागत कुल बजट के मुकाबले नगण्य होती है, इसलिए यह कदम वित्तीय सुधार से ज़्यादा राजनीतिक संदेश देने वाला लग सकता है। गौरतलब है कि ऐसे दौरों से अधिकारियों को मिलने वाली क्षमता-निर्माण की सीख का दीर्घकालिक मूल्य भी होता है — जिसे वर्चुअल माध्यम पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं कर सकते। इस निर्णय की विश्वसनीयता तभी साबित होगी जब सरकार बचत का पारदर्शी हिसाब और उसके पुनर्आवंटन का स्पष्ट ब्यौरा सार्वजनिक करे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय सरकार ने विदेश दौरों पर रोक क्यों लगाई?
मेघालय सरकार ने मितव्ययिता अभियान के तहत सार्वजनिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और विकास प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए यह फैसला किया। अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच खर्च को तर्कसंगत बनाना जरूरी है।
कितने दौरे और कितने अधिकारी इस रोक से प्रभावित हुए?
इस रोक से विभिन्न विभागों के लगभग 63 से 68 अधिकारियों और प्रतिनिधियों से जुड़े 8 प्रस्तावित विदेशी अध्ययन दौरे और एक्सपोजर कार्यक्रम टाल दिए गए हैं। इनमें यूके, डेनमार्क, अमेरिका, जापान, थाईलैंड, वियतनाम और अर्जेंटीना के दौरे शामिल थे।
क्या सभी विदेश दौरों पर रोक लागू होगी?
नहीं, यह रोक केवल राज्य सरकार के खर्च पर होने वाले दौरों पर लागू है। जो दौरे पूरी तरह भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं या बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा प्रायोजित हैं, वे इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर हैं।
रोक की अवधि में अंतरराष्ट्रीय सहयोग कैसे जारी रहेगा?
सरकार ने कहा है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान वर्चुअल जुड़ाव, तकनीकी साझेदारी और सहयोग के अन्य किफायती माध्यमों से अंतरराष्ट्रीय सीख और सहयोग जारी रखा जाएगा। यह रोक अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव से स्थायी पीछे हटने का संकेत नहीं है।
यह रोक कब तक लागू रहेगी?
यह रोक छह महीने के लिए लागू की गई है। अवधि पूरी होने पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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