सीएम धामी ने खटीमा में पूर्णागिरि मंदिर पर चलाया स्वच्छता अभियान, मां के साथ खेत में किया कृषि कार्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जून 2025 को खटीमा स्थित मां पूर्णागिरि मंदिर में स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया। इसी अवसर पर 'मां के नाम एक पेड़' अभियान के अंतर्गत मंदिर परिसर में वृक्षारोपण भी संपन्न हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री धामी ने मां पूर्णागिरि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर सफाई की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस अभियान की जानकारी साझा की और कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए जन-भागीदारी के साथ ऐसे प्रयास निरंतर होने चाहिए।
धामी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और हमारा समाज एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित भविष्य की ओर बढ़े, यही कामना है।'
वृक्षारोपण और पर्यावरण संदेश
'मां के नाम एक पेड़' अभियान के तहत मंदिर परिसर में पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री ने इसे हरित भारत के निर्माण की दिशा में एक सामूहिक प्रयास बताया। गौरतलब है कि मां पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ऐसे में यहाँ स्वच्छता और हरियाली का संदेश व्यापक असर रखता है।
खेत में उतरे सीएम धामी
इसी दिन मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के नगला तराई क्षेत्र में अपनी माता जी के साथ खेत में कृषि कार्यों में हिस्सा लिया। उन्होंने खेत की जुताई और खाद डालने का काम किया। इस अनुभव को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, 'माता जी के साथ अपने खेत में खेती-बाड़ी के कामों में हिस्सा लिया। खेत की जुताई और खाद डालने के दौरान, मैंने किसानों की अथक मेहनत, लगन और त्याग को बहुत करीब से महसूस किया।'
उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान जिंदगी के सादे, कठिन और प्रेरणादायक दिन भी उनकी यादों में ताज़ा हो गए।
किसानों को नमन
सीएम धामी ने किसानों को अन्नदाता बताते हुए कहा कि वे देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने लिखा, 'हमारे अन्नदाता किसान न केवल देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन के मूल्यों के सच्चे वाहक भी हैं। राष्ट्र-निर्माण में उनके अमूल्य योगदान, तपस्या और समर्पण को मैं बार-बार नमन करता हूं।'
आगे की दिशा
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण अभियानों को जन-आंदोलन का रूप देने पर जोर दे रही हैं। मुख्यमंत्री धामी की यह पहल स्थानीय नागरिकों को धार्मिक स्थलों की सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का प्रयास है।