4 अगस्त 2026
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सीएम धामी ने खटीमा में पूर्णागिरि मंदिर पर चलाया स्वच्छता अभियान, मां के साथ खेत में किया कृषि कार्य

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सीएम धामी ने खटीमा में पूर्णागिरि मंदिर पर चलाया स्वच्छता अभियान, मां के साथ खेत में किया कृषि कार्य

सारांश

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सीएम धामी ने खटीमा के पूर्णागिरि मंदिर में झाड़ू उठाई, पेड़ लगाए और मां के साथ खेत जोता — एक दिन में तीन संदेश: स्वच्छता, पर्यावरण और किसान-सम्मान।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जून 2025 को खटीमा के मां पूर्णागिरि मंदिर में स्वच्छता अभियान चलाया।
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हुआ।
'मां के नाम एक पेड़' अभियान के तहत मंदिर परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
सीएम धामी ने नगला तराई क्षेत्र में अपनी माता जी के साथ खेत की जुताई और खाद डालने का काम किया।
धामी ने किसानों को अन्नदाता और राष्ट्र-निर्माण का आधार बताते हुए उनके योगदान को नमन किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जून 2025 को खटीमा स्थित मां पूर्णागिरि मंदिर में स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया। इसी अवसर पर 'मां के नाम एक पेड़' अभियान के अंतर्गत मंदिर परिसर में वृक्षारोपण भी संपन्न हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री धामी ने मां पूर्णागिरि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर सफाई की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस अभियान की जानकारी साझा की और कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए जन-भागीदारी के साथ ऐसे प्रयास निरंतर होने चाहिए।

धामी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और हमारा समाज एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित भविष्य की ओर बढ़े, यही कामना है।'

वृक्षारोपण और पर्यावरण संदेश

'मां के नाम एक पेड़' अभियान के तहत मंदिर परिसर में पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री ने इसे हरित भारत के निर्माण की दिशा में एक सामूहिक प्रयास बताया। गौरतलब है कि मां पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ऐसे में यहाँ स्वच्छता और हरियाली का संदेश व्यापक असर रखता है।

खेत में उतरे सीएम धामी

इसी दिन मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के नगला तराई क्षेत्र में अपनी माता जी के साथ खेत में कृषि कार्यों में हिस्सा लिया। उन्होंने खेत की जुताई और खाद डालने का काम किया। इस अनुभव को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, 'माता जी के साथ अपने खेत में खेती-बाड़ी के कामों में हिस्सा लिया। खेत की जुताई और खाद डालने के दौरान, मैंने किसानों की अथक मेहनत, लगन और त्याग को बहुत करीब से महसूस किया।'

उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान जिंदगी के सादे, कठिन और प्रेरणादायक दिन भी उनकी यादों में ताज़ा हो गए।

किसानों को नमन

सीएम धामी ने किसानों को अन्नदाता बताते हुए कहा कि वे देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने लिखा, 'हमारे अन्नदाता किसान न केवल देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन के मूल्यों के सच्चे वाहक भी हैं। राष्ट्र-निर्माण में उनके अमूल्य योगदान, तपस्या और समर्पण को मैं बार-बार नमन करता हूं।'

आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण अभियानों को जन-आंदोलन का रूप देने पर जोर दे रही हैं। मुख्यमंत्री धामी की यह पहल स्थानीय नागरिकों को धार्मिक स्थलों की सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वृक्षारोपण और खेत जुताई — में शामिल होना स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक संदेश है, जो मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उत्सव से जोड़ा गया है। सवाल यह है कि क्या ये प्रतीकात्मक पहल ज़मीनी नीतिगत बदलाव में तब्दील होती हैं — उत्तराखंड में किसानों की आय, सिंचाई सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन स्थलों के दीर्घकालिक रखरखाव के संदर्भ में यह परखने योग्य है। जन-भागीदारी की अपील सराहनीय है, लेकिन स्वच्छता अभियानों की सफलता एकल आयोजनों से नहीं, बल्कि निरंतर संस्थागत तंत्र से तय होती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम धामी ने खटीमा में स्वच्छता अभियान क्यों चलाया?
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 जून 2025 को आयोजित किया गया। सीएम धामी ने खटीमा के मां पूर्णागिरि मंदिर में सफाई कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
'मां के नाम एक पेड़' अभियान क्या है?
यह एक वृक्षारोपण पहल है जिसके तहत नागरिकों को अपनी माँ के नाम पर पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। सीएम धामी ने इस अभियान के तहत पूर्णागिरि मंदिर परिसर में पौधे रोपे और इसे हरित भारत निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास बताया।
सीएम धामी ने नगला तराई में क्या किया?
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के नगला तराई क्षेत्र में अपनी माता जी के साथ खेत में जुताई और खाद डालने का काम किया। उन्होंने इस अनुभव को किसानों की मेहनत और त्याग को करीब से समझने का अवसर बताया।
मां पूर्णागिरि मंदिर कहाँ स्थित है और इसका क्या महत्व है?
मां पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ प्रतिवर्ष दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिससे यह स्थल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के लिए महत्वपूर्ण मंच बनता है।
सीएम धामी ने किसानों के बारे में क्या कहा?
सीएम धामी ने किसानों को अन्नदाता बताते हुए कहा कि वे देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव और भारतीय संस्कृति के सच्चे वाहक हैं। उन्होंने राष्ट्र-निर्माण में किसानों के अमूल्य योगदान को नमन किया।
राष्ट्र प्रेस
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